बिहार की सत्ता वाली पार्टी जदयू अपनी पत्रिका भी नियमित नहीं निकाल पा रही। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी राजद अपनी पत्रिका लगातार निकाल रही है। कोरोना काल में दोनों ही पार्टियों की पत्रिकाएं कुछ समय के लिए बाधित रहीं लेकिन कोरोना काल के बाद राजद पत्रिका ‘ राजद समाचार’ के कई अंक आ चुके हैं। जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी जैसे कई नेता जदयू को पढ़े-लिखे की पार्टी मानते हैं। विधान मंडल सत्र में उन्होंने राजद की ओर इशारा कर कहा भी थी इन सबों को पढ़ने-लिखने से मतलब नहीं रहता !

कोरोना के बाद जदयू के अंदर विवाद का असर पत्रिका पर!
जदयू में ‘जदयू संदेश’ नाम से पत्रिका जदयू मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप निकालते थे। इसका दो वर्ष से नया अंक नहीं आया है। एक दूसरी पत्रिका ‘जदयू संधान’ डॉ. कुमार बरुण और कुमार विमलेन्दु निकालते थे। उसका भी कोई कई माह से नहीं आया है। बता दें कि ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अंदरुनी विवाद की वजह से डॉ. अमरदीप ने पद से इस्तीफा दे दिया था। पार्टी के अंदर आरसीपी सिंह और ललन सिंह के बीच के विवाद का असर पार्टी के स्ट्रक्चर पर भी पड़ा था। ‘जदयू संधान’ और ‘जदयू संदेश’ के बंद होने के बाद शुरू नहीं होने का कारण भी इसी विवाद से जोड़ कर देखा जाता है।

राजद समाचार पत्रिका का कई महत्वपूर्ण अंक आया
इधर राजद की ओर से मार्च माह में ‘ राजद समाचार’ का महत्वपूर्ण अंक जननायक कर्पूरी ठाकुर पर निकाला गया। राजद ने इधर के कई अंकों में कर्पूरी ठाकुर, राम मनोहर लोहिया, मधु लिमये आदि के लेख भी प्रकाशित किए। रवीन्द्र नाथ टैगोर, रघुवीर सहाय, अदनान कफील दरवेश आदि कई कवियों की कविताएं भी प्रकाशित कीं।

नवंबर- दिसंबर अंक में तो जय भीम फिल्म की समीक्षा भी पत्रिका में दिखी थी। राजद समाचार पत्रिका को निकालने का दायित्व तेजस्वी यादव और जगदानंद सिंह ने हिंदी के बड़े लेखक प्रेम कुमार मणि पर दे रखी है। मणि, राजेन्द्र यादव, आलोक धन्वा, अरुण कमल की पीढ़ी के लेखक हैं और उनकी छवि एक चिंतक वाली रही है। दिलचस्प यह कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र भी रहे हैं लेकिन नीतीश कुमार ने प्रोसिडिंग चलवाकर उन्हें विधान परिषद से हटवाया था। समता पार्टी के समय से नीतीश कुमार के साथ रहे प्रेम कुमार मणि अब राजद के साथ हैं।

शीर्ष नेतृत्व से बात कर जल्द ‘जदयू संदेश’ निकालेंगे
अब 6 फरवरी को डॉ. अमरदीप को शिक्षा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया है। भास्कर ने जदयू की पत्रिका जदयू संदेश के संपादक रहे अमरदीप से बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से पत्रिका बाधित है, फिर मीडिया सेल भी भंग हो गया था। अब मुझे जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया है। जल्द ही शीर्ष नेतृत्व से बात कर जदयू संदेश पत्रिका निकालेंगे।