VIP गाड़ी से कोर्ट पहुंचा ना’बालिग से रे’प का आ’रोपी: 2 घंटे बैठा AC में, भेजा गया हि’रासत में

उत्तर प्रदेश के ललितपुर में थाने में नाबालिग से रेप के आरोपी SHO की पुलिस की खातिरदारी का वीडियो सामने आया है। गुरुवार को मेडिकल के बाद पुलिस तिलकधारी सिंह सरोज को CO की एयरकंडीशन गाड़ी में कोर्ट ले गई। वहां सुनवाई में टाइम था। गर्मी भी थी। ऐसे में SHO करीब दो घंटे तक आराम से गाड़ी में एयरकंडीशन ऑन करके बैठे रहे। इसके बाद एडीजे पॉस्को एक्ट की कोर्ट में केस की सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट ने आरोपी SHO को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। दो अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा गया है। कोर्ट में पेशी से पहले SHO का कोरोना टेस्ट करवाया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने पर पुलिस कोर्ट ले गई।

लखनऊ-झांसी से पहुंचीं फॉरेंसिक टीम, वारदात वाले कमरे से सैंपल लिए
इससे पहले सुबह फॉरेंसिक टीम आरोपी SHO को लेकर पाली थाने पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए झांसी के साथ ही लखनऊ से भी फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। टीम ने पूरे थाने के अलावा आसपास की उन जगहों से भी सैंपल कलेक्ट किए। जहां-जहां पीड़िता और SHO के बैठने की बात सामने आई थी। पीड़िता ने थाने के जिस कमरे में रेप का आरोप लगाया था। वहां भी टीम ने सैंपल लिए। बेडशीट के साथ ही कुछ कपड़ों को भी फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजने की बात सामने आई है।

टीम ने थाने के अलावा कैंपस के बाहर चाय की दुकान में भी सैंपल लिए। बताया जा रहा है कि जिस दिन बयान दर्ज कराने के लिए SHO ने पीड़िता को बुलाया था। उस दिन वह काफी देर तक वहां बैठी रही थी। झांसी रेंज के डीआईजी जोगेंद्र कुमार भी लगातार ललितपुर में कैंप हुए हैं। आज शाम या कल सुबह तक जांच रिपोर्ट सौंप देंगे।

थाने में रेप का क्या है पूरा मामला?
बता दें कि पाली थाने में गैंगरेप की शिकायत करने पहुंची 13 साल की किशोरी से SHO पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद SHO बहाने से थाने के कमरे में ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बात का खुलासा चाइल्ड लाइन NGO की काउंसलिंग में पीड़िता ने किया था।

कब-कब क्या हुआ

  • 2 मई को ललितपुर चाइल्ड लाइन की टीम 13 साल की किशोरी व उसकी मां को लेकर एसपी के पास पहुंची थी। यहां पीड़िता की मां ने पुलिस अधीक्षक को बताया था कि 22 अप्रैल को कस्बा पाली निवासी चंदन, राजभान, हरीशंकर व महेंद्र चौरसिया उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर भोपाल ले गए। वहां तीन दिन तक उसका रेप किया।
  • 25 अप्रैल को चारों लड़के उनकी बेटी को पाली थाने में दरोगा के पास छोड़कर भाग गए। दरोगा ने लड़की को उसकी मौसी को सौंप दिया। मौसी द्वारा लड़की को एक आरोपी चंदन की बहन के पास दो दिन के लिए भेज दिया।
  • 27 अप्रैल को थाने में पीड़िता को फिर से बुलाया। उसका बयान लिया। शाम हुई तो लड़की को SHO तिलकधारी सरोज कमरे में ले गए। वहां रेप किया। बाद में लड़की को उसकी मौसी को सौंप दिया। इसकी कोई भी सूचना लड़की के माता पिता को नहीं दी।
  • 30 अप्रैल को लड़की को दोबारा थाने बुलाया। SHO द्वारा पीड़िता को चाइल्ड लाइन एनजीओ को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन में बच्ची की कांउसलिंग की गई तो पीड़िता ने SHO के रेप करने वाली घटना बताई।
  • 2 मई को एसपी के आदेश पर आरोपी थानाध्यक्ष पाली तिलकधारी सिंह सरोज, चन्दन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया और पीड़िता की मौसी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

29 पुलिसकर्मियों को किया गया लाइन हाजिर
थाने में रेप की खबर से ललितपुर से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। ADG जोन भानु भास्कर ने पूरे पाली थाने के 29 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इसमें 6 SI, 6 हेड कॉन्स्टेबल, 10 सिपाही, 5 महिला आरक्षी, 1 चालक और 1 फॉलोअर शामिल हैं।

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