मुजफ्फरपुर। शहरी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई है। बार-बार ट्रिपिंग के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। मिस्काट पावर सब स्टेशन एरिया में बिजली की तबाही मची हुई है। 24 में 13-14 घंटे बिजली मिलने से 25 से 30 हजार रुपये के डीजल की खपत प्रत्येक महीने हो रही है। दो दिनों पहले आई आधी-पानी में पूरी रात मिस्काट इलाके की बिजली गुल रही। खराब संरचना के कारण पूरी दिन ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है।
बिजली कब बंद हो जाएगी इसके बारे में किसी को मालूम नहीं रहता। शटडाउन की सही जानकारी भी विभाग के अधिकारियों द्वारा नहीं दी जाती, इसके कारण एकाएक बिजली बंद होने से व्यवसाय ठप हो जा रहा है।
इधर आरसीडी वर्क को लेकर भी बीच-बीच में शटडाउन लिया जाता है, फ्यूज काल की संख्या भी इतनी रहती है कि बार-बार बिजली बंद कर सही करना पड़ता है। इससे आम जन पर भारी असर पड़ रहा है। वीटीएल एजेंसी के समय भिखनपुरा सहित पावर सब सब स्टेशन सहित और पावर सब स्टेशन ने जीर्णोद्धार करा लिया लेकिन बेला पावर सब स्टेशन का जीर्णोद्धार नहीं कराया जा सका।
नतीजा यह हुआ कि बेला पावर सब स्टेशन धीरे-धीरे और भी जर्जर होता चला जा रहा है। लाइन मेंटेनेंस नहीं होने से बिजली तारों से पेड़ की डालियां टकराकर शार्ट-सर्किट लग रहा। इसी का नतीजा है कि गुरुवार को बेला पावर सब स्टेशन से तेज हवा चलने व बारिश के कारण दो घंटे से अधिक देरी तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हुआ।

33 केवीए इंकमर खराब होने पर एमआरटी टीम द्वारा ठीक कराया गया। बाद में इलाके के अधिकारी वहां पहुंचे। पावर सब-स्टेशन की पड़ताल की अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। वहां कुछ ब्रेकर बाइपास पर चल रहा। इसके कारण बिजली कर्मियों के जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। बिजली बंद होने से औद्योगिक एरिया में उत्पादन पर असर पड़ रहा है। सुबह में लाइन बंद होने से उद्यमी परेशान हो गए। समय रहने सही नहीं किया गया तो इस बार की बारिश और गर्मी में लोग अधिक परेशान हो सकते है।
