आखिर क्यों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रोत्साहन राशि अटकी, जानें….

मुजफ्फरपुर। पंचायत में चल रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को समय से प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितता बरती जा रही है। इसकी शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने सकरा पीएचसी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सभी पीएचसी प्रभारी को हर माह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रोत्साहन राशि समय से देने तथा उसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का आदेश दिया है। सीएस ने बताया कि सकरा पीएचसी से शिकायत मिली थी कि वहां प्रोत्साहन राशि देने में आनाकानी हो रही है।

इसी तरह की शिकायत अन्य जगहों से भी मिली। सकरा समेत सभी पीएचसी प्रभारी से समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को मानदेय व प्रोत्साहन राशि देने को कहा गया है। सीएस ने कहा, जितने भी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आएं हैं, वे सब बाहर के हैं।

जो लोग दूसरे प्रदेश से आए हैं, उनसे बेहतर काम लेने के साथ ही उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो इसका ख्याल भी चिकित्सक व कर्मियों को रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का वेतन 25 हजार रखा गया है।

इसके अलावा उन्हें हर माह 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी देनी है। प्रोत्साहन राशि देने में ही हर जगह मिलीभगत की शिकायत आ रही। हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर में सहयोग कर रही संस्था जपाईगो के वरीय कार्यक्रम अधिकारी राजाराम पांडेय ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पंचायत में चलने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र को हेल्थ एंड वेलनेस में बदल दिया गया है।

इस सेंटर के प्रभारी के रूप में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती की गई है। जिले में 380 सेंटर हैं। इसके लिए 74 अधिकारियों की तैनाती की गई है। बाकी जगह पर अभी स्टाफ नर्स ही इस काम को संभाल रही हैं। यह अधिकारी ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करते हैं। इसके अलावा गांव में मरीजों का इलाज करना, ओपीडी का संचालन, गर्भवती और शिशु को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को उचित सलाह देना, आवश्यकता पडऩे पर उपचार करने का काम भी करते हैं। एक तरह से देखा जाए तो सीएचओ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading