अवैध रूप से घर में शराब रखने के एक मामले में आरोपित बनाई गई एक गर्भवती महिला को तीन छोटे-छोटे अबोध बच्चों के साथ जेल भेज दिया गया। जबकि छह व पांच साल के दो बच्चे घर में अकेले रह गए हैं। चेरिया बरियारपुर थाना में दर्ज एक मामले में पुलिस द्वारा आरोपित बनाई गई।

चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के आकोपुर गांव निवासी सविता देवी, पति प्रदीप सहनी शुक्रवार को बेगूसराय एक्साइज एक्ट के विशेष न्यायाधीश दीपक भटनागर की अदालत में सरेंडर की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात और दलील सुनने के बाद महिला को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। आरोपित महिला ने अदालत को बताया कि उसका पति प्रदीप साहनी बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं। वह घर में अकेले अपने पांच संतान के साथ रहती है।

कुछ दिनों पूर्व अचानक उनके घर पुलिस आई। तलाशी ली और कहा कि तुम्हारे घर में स्प्राइट की बोतल में एक लीटर शराब बरामद हुई है। तुम अवैध शराब का कारोबार करती हो, महिला ने बताया कि उसे नहीं पता किसी ने उसके घर में ये शराब छुपाकर रख दी है, उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। घर में कोई शराब पीने वाला भी नहीं है।

तब पुलिस उसे डांट-डपटकर चली गई। उसे लगा पुलिस को उसकी बेगुनाही का एहसास हो गया है, ये सोचकर वह सुकून की सांस ली, मगर कुछ दिनों बाद गांव के चौकीदार ने बताया कि तुम्हारे खिलाफ शराब मामले में केस हो गया है। महिला ने आगे कहा कि जब उसने किसी के माध्यम से थाने से इसकी जानकारी हासिल की तो केस होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद वह सीधे अदालत में आत्मसमर्पण करने को हाजिर हो गई है।

अदालत ने सारी दलीलों को सुनने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसके साथ तीन अबोध बच्चे को भी जेल में रखने की अनुमति प्रदान की गई है।