PATNA : वर्ष 2018 की वारदातों में जनवरी की बड़ी घटना रही

पटना . कुम्हरार के जमीन कारोबारी सुधीर कुमार के बेटे रौनक की फिरौती के लिए अपहरण और फिर हत्या की वारदात वर्ष 2018 की जनवरी की बड़ी घटना रही। उसके बाद जैसे-जैसे साल गुजरता गया हत्या और फिरौती के लिए अपहरण होते रहे। 2018 में करीब एक दर्जन हत्या व अपहरण की बड़ी वारदातें हुईं। इनमें ज्यादातर घटनाओं में परिचितों का हाथ रहा। करीब-करीब सभी बड़ी घटनाओं में आरोपी पकड़े गए। वहीं, पटना समेत पूरे जिले में करीब 275 की हत्या हुई।

17 जनवरी : राैनक हत्याकांड
रौनक का अपहरण कुम्हरार स्थित उसके घर से परिचित दुकानदार विक्की ने किया था। फिरौती के लिए 17 जनवरी को ही संदलपुर स्थित अपनी दुकान में कत्ल कर दिया, फिर उसके पिता से 25 लाख की फिरौती मांगी। पुलिस ने 18 को विक्की को गिरफ्तार किया।

20 फरवरी : अफसर गिरफ्तार
सिक्किम की छात्रा से छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर रामबाबू गुप्ता को गिरफ्तार किया। 2005 के आईआरएस अधिकारी रामबाबू बोरिंग रोड स्थित कोचिंग संस्थान का चीफ मेंटर था। इसी कोचिंग के हॉस्टल में वह चौथे तल्ले पर रहता था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

12 मई : दीना गोप हत्याकांड
नगर निगम की पूर्व डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीनानाथ उर्फ दीना गोप की अपराधियों ने बल्लमीचक में एके 47 से फायरिंग कर हत्या कर दी थी। घटना के मूल में जमीन विवाद तथा चुनावी रंजिश की बात सामने आई थी। हत्याकांड में कई आरोपी जेल में हैं।

9 जुलाई : नाबालिग की हत्या
फतुहा में शेफाली इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में छह वर्षीय छात्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गार्ड पप्पू और एक छात्रा को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। 19 पर मामला दर्ज हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने कहा था कि पप्पू का नार्को टेस्ट कराया जाएगा। लेकिन अब तक निर्णय नहीं हुआ है।

14 अगस्त : अधिकारी की हत्या
सचिवालय में योजना विभाग के अधिकारी राजीव कुमार की हत्या चार नकाबपोश अपराधियों ने लूट के दौरान उनके ही घर में कर दी थी। चारों अपराधी सलाखों के पीछे हैं। घटना के बाद सचिवालय थानेदार, गश्ती पार्टी में शामिल सब इंस्पेक्टर सहित छह जवानों निलंबित किए गए थे।

12 अगस्त: शेल्टर होम मामला
राजीवनगर की चंद्रविहार कालोनी स्थित आसरा शेल्टर होम में संवासिनों की मौत हुई थी। उनके इलाज में लापरवाही और सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप में कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल और सचिव चिरंतन कुमार गिरफ्तार हुए थे। मनीषा की गिरफ्तारी के बाद उसके पॉलिटिकल कनेक्शन भी कई दिनों तक चर्चा में रहे।

7 सितंबर : दोहरा हत्याकांड
बुद्धा कॉलोनी में लघु सिंचाई विभाग के रिटायर्ड कमिश्नर हरेंद्र प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी स्वप्ना की हत्या उनके घर में हुई। पुलिस को पता चल गया था कि हत्या किसी परिचित ने की है। हिरासत में पूछताछ के बाद केयर टेकर शोएब ने 24 घंटे में अपना जुर्म कबूल कर लिया।

21 सितंबर : तबरेज की हत्या
कोतवाली थाने के ठीक पीछे हथियारबंद अपराधियों ने मुहर्रम के दिन कुख्यात तबरेज उर्फ तब्बू को गोलियों से भून दिया था। तबरेज की पत्नी शमा परवीन ने सात लोगों पर एफआईआर कराई थी। हत्याकांड में डब्लू मुखिया और तारिक मल्लिक सलाखों के पीछे हैं। शूटर गुड्‌डू बिल्ला समेत अन्य पांच फरार हैं।


2 नवंबर : पुलिस लाइन विद्रोह
ट्रेनी पुलिस सविता कुमारी पाठक की मौत के बाद पुलिस लाइन में विद्रोह हो गया था। पुलिसकर्मियों में इसलिए रोष था कि उन्हें छुट्टी नहीं मिलती थी। आईजी ने एसआईटी गठित की। जांच के बाद 175 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया। 23 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया।

3 दिसंबर : जवान शहीद
बाइपास इलाके में पुलिस कुख्यात मुचकुंद और शूटर उज्ज्वल को गिरफ्तार करने गई थी। पुलिस लाइन के कमांडो मुकेश ने उज्ज्वल को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद मुचकुंद और उसके गुर्गों ने मुकेश को गोली मार दी। मुकेश के शहीद होने के बाद पटना पुलिस से लेकर पुलिस मुख्यालय तक हड़कंप मच गया था।

5 दिसंबर : वकील की हत्या
खगौल में करीब 20 करोड़ के मकान व जमीन के विवाद में अपराधियों ने पटना हाईकोर्ट के वकील जितेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें राजवंशीनगर जल पर्षद दफ्तर के पास गोली मारी गई। हत्याकांड में उनकी पत्नी नीतू पर हत्या की साजिश रचने का केस दर्ज हुआ था।


13 दिसंबर : मारा गया मुचकुंद
मुकेश के शहीद होने के बाद बौखलाई पटना पुलिस की टीम 50 हजार के ईनामी नौबतपुर के चेचौल गांव के मुचकुंद के पीछे थी। मुचकुंद के राजीवनगर में होने की सूचना पर पुलिस पीछे लग गई। आखिकर रूपसपुर में अपने को घिरता देख मुचकुंद ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मुचकुंद मारा गया।

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