PATNA : सिटी बस सेवा का लगातार होता रहा विस्तार, रोज 50000 लोग करते हैं सफर

पटना . महानगरों की तर्ज पर पटना में भी वर्ष 2018 में सिटी बस सेवा शुरू हुई। इसका सपना वर्षों पुराना था। तीन मई 2018 को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सिटी बस सेवा शुरू हुई। चंद रूट से शुरू हुई इस सेवा का लगातार विस्तार होता रहा।

आज पटना की लगभग सभी मुख्य सड़कों पर यह सेवा उपलब्ध है। अब सुरक्षित, सस्ती और कम समय लेने वाली सिटी बसों से शहर में एक से दूसरे कोने तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इन बसों में अत्याधुनिक तकनीक का खूब इस्तेमाल होता है।

ये जीपीएस कंट्रोल, मोबाइल एप, ई-टिकटिंग आदि से लैस हैं। लोकप्रियता आलम यह है कि बस सेवा मात्र छह माह में 50 लाख यात्रियों की संख्या को पार कर गई। दिसंबर के पहले सप्ताह में ही यह संख्या हो गई। इन बसों में 65 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इनसे हर रोज 50 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।

हाल में बिहारशरीफ तक के लिए सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद बसों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है। पटना की सिटी बस सेवा को देशभर में सराहना मिल चुकी है। पिछले चार नवंबर को भारत सरकार के केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से इसे अवार्ड दिया जा चुका है। पटना की सिटी बस सेवा को बेस्ट सिटी बस अवार्ड कैटेगरी में सराहनीय पहल अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

इन रूट पर चलती हैं सिटी बसें

रूट नंबर 111 – गांधी मैदान से दानापुर बस स्टैंड
रूट नंबर 111ए -गांधी मैदान से दानापुर रेलवे स्टेशन
रूट नंबर 222 – गांधी मैदान से फुलवारी (एम्स)
रूट नंबर 333 – गांधी मैदान से पटना विश्वविद्यालय
रूट नंबर 444 – गांधी मैदान से हाजीपुर रेलवे स्टेशन
रूट नंबर 555 – गांधी मैदान से पटना साहिब रेलवे स्टेशन
रूट नंबर 666 – गांधी मैदान से दानापुर (हांडी साहिब)
रूट नंबर 888 – गांधी मैदान से बिहटा (आईआईटी)
रूट नंबर 888 ए- गांधी मैदान से बिहटा (इएसआई हॉस्पिटल)
रूट नंबर 999 – सगुना मोड़ से मनेर शरीफ
रूट नंबर 500 – इनकम टैक्स से कुर्जी मोड़
रूट नंबर 777 – गांधी मैदान से बिहारशरीफ

बिहार में पहली बार दिव्यांगों को भी मिला ड्राइविंग लाइसेंस

अब बिहार में कुछ श्रेणी के दिव्यांगों को भी ड्राइविंग लाइसेंस मिलने लगा है। पहली बार बीते 24 नवंबर को दिव्यांगों को पटना डीटीओ कार्यालय ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया। दिव्यांग कुमारी वैष्णवी को परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने लाइसेंस सौंपा। इनके साथ ही दिव्यांग दीपक कुमार, राधा कुमारी, आशीष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, पिंटू कुमार, मुकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार के ड्राइविंग लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। अब अस्थि दिव्यांगों को वाहनों की विशेष श्रेणी में ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा सकता है। वहीं, एक और सर्कुलर परिवहन विभाग ने जारी कर कहा कि श्रवण बाधित दिव्यांगों को भी डीएल दिया जा सकता है।

नेपाल, जमशेदपुर व रांची के लिए शुरू हुईं लग्जरियस बस सेवाए

पटना से रांची और जमशेदपुर जाएं लग्जरियस बस में अब पटना से जमशेदपुर जाना पहले से ज्यादा आसान हो गया है। इस रूट पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्जरियस बस चल रही है। बीते 19 नवंबर को इसका उद्घाटन किया गया था। बस रोजाना शाम में बांकीपुर डिपो से खुलती है। वहीं शाम में ही जमशेदपुर से पटना के लिए बस खुलती है। बस रांची होकर जाती है। बस का किराया करीब 1000 रुपए है।

बिहार-नेपाल बस सेवा

2018 की बड़ी उपलब्धि रही। इसकी शुरुआत 11 सितंबर को हुई। पहले पटना और बोधगया से एक-एक बस शुरू हुई थी लेकिन लोगों की बढ़ती संख्या के बाद अब पटना से काठमांडू के लिए दो बसें खुलती हैं। साथ ही बोधगया से काठमांडू जाने के लिए भी दो बसें चल रही हैं। इसके साथ ही अभी पटना-जनकपुर रूट पर रोजाना चार बसें उपलब्ध है।

बिहटा एयरपोर्ट के लिए मिली जमीन

सिविल एविएशन के क्षेत्र में 2018 में जहां पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग बनाने को मंजूरी मिली वहीं बिहटा और दरभंगा में नए एयरपोर्ट बनाने का भी रास्ता साफ हुआ। बिहटा एयरपोर्ट के लिए अधिकारिक रूप से राज्य सरकार ने छह दिसंबर को 108 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दी है। वहीं, पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का नक्शा और योजना भी बना ली गई है।

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