मुजफ्फरपुर। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और शिक्षा विभाग के बीच 100-100 रुपये के पेच में जिले के 2,433 नवनियुक्ति शिक्षकों का वेतन फंस गया है।
चार महीने से शिक्षक स्कूलों में सेवा दे रहे हैं, लेकिन प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं होने के कारण विभाग के निर्देश पर उनका वेतन रोका गया है।
दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से छठे चरण में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने के बाद ही उनके वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। वहीं दूसरी ओर प्रमाणपत्रों की जांच के लिए प्रति अभ्यर्थी बिहार बोर्ड 100 रुपये की मांग कर रहा है।
नियोजन कोषांग का कहना है कि इस मद में विभाग के पास कोई बजट ही नहीं है। ऐसे में निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया है। बुधवार को शिक्षा विभाग की ओर से इसको लेकर बैठक की गई।
बताया गया कि 2,433 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच नहीं होने से उनका वेतन फंस गया है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय स्तर पर करीब 1300 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन लंबित है।

