बिहार के पूर्वी चम्पारण में अपराध का ग्राफ शिखर पर पहुंच गया है। अपराधी अपने हौसले की बुलन्दी का परिचय देते हुए लगातार मौत का तांडव कर रहे हैं। सोमवार को एक बार फिर अपराधियों ने चकिया में दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर ठेकेदार जयप्रकाश साह की हत्या कर दी।

चकिया के एऩएच 27 फोरलेन के किनारे एक लाईन होटल में नाश्ता कर रहे थे तभी पल्सर मोटरसाईकिल पर सवार दो अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे वो गम्भीर रुप से घायल हो गये। इस घटना में उनके साथ ही नाश्ता कर रहा उनकी इनोभा कार का ड्राईवर राधे श्याम यादव भी तीन गोली लगने से गम्भीर रुप से घायल हो गया।

तीन गोलियां लगने के बाद भी ड्राईवर ने हिम्मत दिखाई और कार लेकर करीब 38 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मोतिहारी नगर के एक निजी अस्पताल पहुंचा जहां गम्भीर हालत में ड्राईवर का इलाज किया जा रहा है जबकि ठेकेदार की मौत हो गई। चकिया से मोतिहारी आने के दौरान ही ठेकेदार जय प्रकाश साह के प्राण चले गये।

सड़क निर्माण और भवन निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार जयप्रकाश साह मोतिहारी नगर के छतौनी थाना के बरियारपुर गांव में घऱ बनाकर रहते थे। जबकि वो डुमरियाघाट थाना के सरोतर गांव के मूल निवासी बताये जाते हैं। ठेकेदारी के साथ-साथ जमीन की खरीद बिक्री का भी काम जयप्रकाश साह किया करते थे।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी पड़ताल के लिए पहुंची। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों को बताने से कतरा रही है. मृतक के पिता शम्भु शऱण साह बताते हैं कि चकिया के एक होटल में नाश्ता करने के दौरान अपराधियों ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक के चाचा विनोद साह ने बताया कि ठेकेदारी को लेकर उनके भतीजे का कई लोगों से विवाद चल रहा था और इसको लेकर धमकी भी मिली थी।

मृतक ठेकेदार जयप्रकाश साह को छह गोलियां लगीं। शूटर्स ने उनके सिर, गर्दन, पेट में गोलियां मारीं वहीं घायल ड्राईवर राधे श्याम यादव को तीन गोलियां बांह, पैर और हाथ में लगी थीं। गोली लगने के बाद भी राधेश्याम यादव ने 38 किलोमीटर की दूरी तक कार को चलाया और ठेकेदार को निजी अस्पताल लाया। उसके हिम्मत की चर्चा लगातार हो रही है..