बिहार की बेटियों का यूपी में झूठी शादी के नाम से बेची जा रही है। कटिहार, किशनगंज, अररिया और फारबिसगंज में यूपी में झूठी शादी होने का मामला बाल कल्याण समिति के पास दर्ज किये किये गये हैं। इन जिलों में लड़कियों के उम्र से दोगुनी उम्र के लड़के से शादी कर दी जाती है। कटिहार जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्य राजेश कुमार ने बताया कि हर महीने यूपी में झूठी शादी के नाम पर लड़कियों की तस्करी का मामला आ रहा है। लेकिन ग्रामीणों में जागरूकता नहीं होने की वजह से दलाल पकड़ में नहीं आ पा रहे हैं।

शादी में 50 हजार से 1 लाख रुपये में देते हैं लड़की वालों को
हिन्दुस्तान की पड़ताल में पता चला कि गरीबी का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों से शादी करते हैं। शादी का सारा खर्च उठाने के साथ लड़की के घर वालों को 50 हजार रुपये से 01 लाख रुपये भी देते हैं। जब जब लड़की को मायके लाते हैं। आर्टिफिशियल जेवर पहनाकर लाते हैं और दिखाते हैं कि वह कितने अमीर हैं।

अमीर दिखाकर दूसरी लड़कियों के माता-पिता को अपने जाल फंसाते हैं। तीन से चार साल रखने के बाद फिर से माता-पिता के पास छोड़ जाते हैं। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के सर्ववाइवर लेड इंटलीजेंस नेटवर्क के माध्यम से कटिहार, किशनगंज, अररिया, पूणिर्या,मधेपुरा सहरसा में कई किशोरियों को बाल विवाह के गिरफ्त में जाने से बचाया गया है।

महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक हरजोत कौर ने बताया कि तस्करी रोकने के लिए समाज कल्याण विभाग बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है।लेकिन जैसी परिस्थिति इन इलाकों में है, इसको लेकर यूनिसेफ के साथ मिलकर बड़ा अभियान चलाने की जरूरत है।

बड़ा नेटवर्क करता है काम
दलालों का बड़ा नेटवर्क बेटियों की जिन्दगी से खिलवाड़ में लगे हैं। जिन इलाकों में अधिक गरीबी होती है। दलालों के टारगेट पर होता है। सारी सुख-सुविधाओं के साथ रखने का वादा करते हैं। यही नहीं गांव का ही एक आदमी को पैसे देकर उनके बेटों को अच्छी कंपनी में नौकरी देने का भी झांसा देते हैं।
