रक्सौल। अंतरराष्ट्रीय महत्व के शहर रक्सौल में हवाई अड्डे को शुरू करने को लेकर डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने सरकार को रिपोर्ट दिया है। रक्सौल शहर की महत्ता के अनुसार इस एयरपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर सरकार शीघ्र ही शुरू कर सकती है। जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण द्वारा जिला राजस्व शाखा, मोतिहारी के माध्यम से निदेशक संचालक, सिविल विमानन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, पटना हवाईअड्डा को पत्र लिखा गया है।

पत्र में बताया गया है कि रक्सौल प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के मौजा में पांच जमाबंदी संख्या है। जिसमें कुल रकबा 152.775 एकड़ भूमि पूर्व से ही अर्जित की गई है। हवाई अड्डा की जमाबंदी भारतीय विमान पत्तनन प्राधिकार के नाम से संधारित है। एयरपोर्ट की इस भूमि की पैमाइश अंचल अमीन से कराई गई है।
डीएम द्वारा दिए पत्र में वर्तमान में एयरपोर्ट की भूमि की स्थिति की जानकारी भी दी गई है। बताया गया है कि एयरपोर्ट की भूमि की चारदीवारी है। जिसके अंदर पूर्व में एयरपोर्ट भवन है। भवन जर्जर है, जिसमें एसएसबी पनटोका का दफ्तर है।
इसके अलावा दस जर्जर भवन हैं। हवाई अड्डा रक्सौल संबंधी प्राप्त प्रतिवेदन एवं हवाई अड्डा के लिए अर्जित भूमि की पैमाइश, नक्शा की प्रति इस पत्र के साथ भेजते हुए अनुरोध किया गया है कि रक्सौल हवाई अड्डा के निर्माण एवं संचालन हेतु आवश्यक अग्रेत्तर कार्रवाई करने की कृपा की जाए।
बता दें कि सामरिक दृष्टि से रक्सौल शहर और प्रस्तावित एयरपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है। इसे अंतररष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए आसपास से भूमि अधिग्रहण भी किया जा सकता है। ऐसे में बिहार को पटना व गया के बाद अंतररष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए रक्सौल तीसरा माना जाएगा।
