पटना : सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी गति को बढ़ाते हुए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सतलज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) के साथ दो सौ मेगावाट बिजली संयंत्र की स्थापना का करार किया। बिजली कंपनी ने इसके लिए निविदा की थी। एसजेवीएन द्वारा जमुई में 125 मेगावाट तथा बांका में 75 मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई को स्थापित किया जाएगा। अगले वर्ष दिसंबर में उत्पादन इकाई से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। इस आशय के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर गुरुवार को विद्युत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की मौजूदगी में हुआ।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कोयला का भंडार सीमित है। ऐसे में अक्षय ऊर्जा पर केंद्रित होना अनिवार्य है। बिहार में सौर ऊर्जा की बड़ी क्षमता है। नहर और बांध पर भी हम सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई को स्थापित कर सकते हैैं। उन्होंने अधिकारियों को परामर्श दिया कि कैमूर में एक हजार मेगावाट के पंप स्टोरेज क्षमता पर भी नामिनेशन के आधार पर सरकारी क्षेत्र की कंपनी एसजेवीएन से काम कराया जाए।
बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी संजीव हंस ने कहा कि पांच वर्षों के बाद बिहार में सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई की स्थापना हो रही है। वर्ष 2017 में गया में 25 मेगावाट क्षमता वाली इकाई को स्थापित किया गया था। वर्तमान में छोटे-छोटे प्लांट से बिहार में 130 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। एसजेवीएन द्वारा जो बिजली उत्पादित की जाएगी, वह 3.11 रुपये की दर से बिजली कंपनी क्रय करेगी।
शीघ्र ही 50 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई की स्थापना को ले भी निविदा होगी। इसके लिए जमीन की व्यवस्था हो गई है। एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) एके सिंह ने इस मौके पर कहा कि इस परियोजना पर वे समय से पहले काम पूरा कर लेंगे। इस मौके पर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एमडी महेंद्र कुमार भी उपस्थित थे।

