कटिहार : प्यार में दीवानगी की हद को पार करना अब कोई नई बात नहीं रही। इसमें उम्र और सामाजिक बंधन भी मायने नहीं रखते। बिहार के कटिहार में एक ऐसा ही मामला रविवार को रामविशनपुर पंचायत के छर्रापट्टी से प्रकाश में आया है। चार बच्चों के एक पिता ने चोरी-छिपे एक शादीशुदा महिला से दूसरी शादी रचा ली। मामले का खुलासा होने के बाद पहली बीवी ने महिला थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

दरअसल, किशनपुर थाना क्षेत्र के थरिया गांव निवासी बांकेलाल दास की पुत्री सुनीता देवी की शादी साल 2009 में रामविशनपुर पंचायत के छर्रापट्टी वार्ड 8 निवासी नीतिश दास के साथ हिंदू रीति रिवाज से धूमधाम से हुई।
शादी के बाद सालों तक सब कुछ ठीक रहा। दांपत्य जीवन में दोनों को 4 पुत्र हुए। इधर कोरोना काल के बाद नीतीश दास की आर्थिक हालत खराब होने के बाद काम धाम के लिए दिल्ली चले गए। वह सब्जी मंडी में मजदूरी कर रहे थे।

इसी बीच नीतीश दास नजरें किशनपुर थाना क्षेत्र के ही एक शादीशुदा महिला नीतू देवी के साथ लड़ गई। प्यार इतना परवान चढ़ा की दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी को भूल गए। दोनों ने भागकर चोरी-छिपे एक-दूसरे से शादी रचा ली। महिला नीतू देवी भी तीन बच्चों की मां बताई जाती है।

पीड़ित महिला ने 7 लोगों के खिलाफ आरोप लगाते हुए दिया आवेदन
नीतीश की पहली पत्नी सुनीता को जब इसकी जानकारी मिली तो वह अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हो गई। सुनीता ने अपने पति नीतीश दास, ससुर गुदिस दास (62), सास गीता देवी (58), देवर मुकेश दास (25), ननद जानकी देवी, सियाराम दास, हरिपुर पंचायत के वार्ड 1 निवासी संतोष दास पर नीतू देवी को बहला-फुसलाकर दिल्ली से लेकर भागने और अपने पति नीतीश दास के साथ दूसरी शादी कराने का आरोप लगाया है।

पीड़ित महिला ने अपने सास-ससुर पर पति का साथ देकर उसे जान से मारने और जबरन घर से निकालने की धमकी देने सहित रात के समय सभी आरोपियों द्वारा जान से मारने की नियत से मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित सुनीता देवी ने महिला थाना में आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

खर्चा बंद करने का भी लगाया आरोप
पीड़ित महिला सुनीता देवी ने अपने पति नीतीश दास पर घर का खर्चा चलाने से भी इनकार करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि दिल्ली से वापस लौटने के बाद आरोपी पति नीतीश द्वारा उनके बच्चों और उसका भरण-पोषण के लिए खर्च नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण उन्हें बच्चों समेत भूखे गुजारा करना पड़ रहा है।