भाजपा से अरवल के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो सहोदर भाइयों की पटना के पत्रकारनगर में मंगलवार की देर शाम गोली मारकर हत्या किए जाने से धनरुआ के नीमा गांव में फिर से मातम पसर गया है। विधायक के परिजन पटना के लिये रवाना हो गये। इधर घटना के बाद नीमा गांव में तनाव व भय का माहौल हो गया है।

कई ग्रामीण पुलिस के भय से अपना घर छोड़कर बाहर निकल गए। वहीं पूर्व विधायक के घर में चीख-पुकार से कोहराम मचा हुआ है।अरवल के पूर्व विधायक सह नीमा गांव निवासी चितरंजन शर्मा कटिहार में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद चितरंजन पटना के लिये रवाना हो चुके थे।

पांच भाइयों में शंभू तीसरे व गौतम पांचवें नंबर पर था
मृतक शंभू पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था जबकि गौतम पांचवे नंबर पर । सबसे बड़े भाई मनोज कुमार बिहार पुलिस में आरक्षी हैं,जबकि दूसरे नंबर पर चितरंजन शर्मा जो कि अरवल के पूर्व विधायक हैं। चौथे नंबर पर कुणाल कुमार जो धनरुआ के नीमा गांव में ही रहते हैं और उनका अपना कारोबार और खेती का कामकाज है।

धनरुआ प्रखंड के नदवां पंचायत का नीमा गांव 1990 में तब सुर्खियों में आया जब वहां पांडव सेना का गठन गांव के ही पांच युवकों ने मिलकर किया। इनका नेटवर्क बिहार व झारखंड में फैला था। इस गिरोह ने सबसे पहले उस वक्त नदवां पंचायत के सरपंच नुन्नु सिंह के पुत्र बहादुर सिंह की हत्या 1992 में की थी। सके बाद एक एक कर इस गिरोह ने दर्जन भर हत्या की,जिसमें गांव में ही एक साथ की गयी चार हत्या भी शामिल है।


शंभू शरण की दूसरी शादी छह माह पूर्व हाजीपुर के भगवानपुर में हुयी थी। पत्नी की विदाई कराकर अपने ससुराल से शम्भू सोमवार को बट सावित्री की पूजा के लिए पटना अपने आवास पर आए थे। बताया जाता है कि शंभू की पहली पत्नी से किसी कारणवश अनबन होने की वजह से दोनों एक दूसरे का साथ छोड़ दिया था, जबकि गौतम अभी अविवाहित है। परिजनों ने बताया कि शंभू अपनी पत्नी जो मायके में थी, उसे बिदाई कराकर कल यानि सोमवार को ही पटना लेकर आये थे। वहीं गौतम की शादी की बात कहीं कहीं चल रही थी