मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन टेस्ट-2020 के साक्षात्कार की प्रक्रिया इस महीने पूरी नहीं हुई तो जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलो) उत्तीर्ण दर्जनों अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। अभ्यर्थियों ने पैट-2020 के नोडल पदाधिकारी प्रो. प्रमोद कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।
कहा कि जून में उनके जेआरएफ की वैधता समाप्त हो रही है। ऐसे में साक्षात्कार की तिथि जारी नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ जाएगी। अभ्यर्थियों की मांग पर विश्वविद्यालय ने इन अभ्यर्थियों का प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कराने का निर्णय लिया है। ऐसे में साक्षात्कार में विलंब भी होता है तो ये अभ्यर्थी उसमें शामिल हो सकेंगे।
बता दें कि नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को पीएचडी एडमिशन टेस्ट नहीं देना था। वे सीधे साक्षात्कार में शामिल होंगे। पिछले वर्ष अगस्त में पीएचडी एडमिशन टेस्ट का आयोजन हुआ था।
इसका परिणाम एक सप्ताह में जारी कर दिया गया था। कुछ अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्नपत्र को चुनौती देने के बाद विशेषज्ञों की कमेटी से जांच करा फरवरी में संशोधित परिणाम जारी किया गया। इसके बाद से साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थी प्रतीक्षा कर रहे हैं।

