रामनगर। बरसात शुरू होने में महज चंद दिन रह गए हैं। बारिश व बाढ़ को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। वहीं कुछ दिन पहले तक तटबंधों व संभावित कटाव स्थलों का निरीक्षण किया गया था। जिससे समय रहते इसको ध्यान में रखकर इस पर काम शुरू किया जा सके।
प्रखंड से होकर गुजरने वाले मसान समेत आधा दर्जन नदियों के अलावा रामरेखा नदी से तटवर्ती इलाकों में काफी लोगों को परेशानी होती है। कई तटवर्ती गांवों में रतजगा तो, कई जगह पलायन भी होता है। हालांकि बाढ़ का कहर समाप्त होते ही फिर से लोगों की घर वापसी भी होने लगती है।
आगामी 15 जून से मॉनसून का आगमन होना है। जिसके बाद से बरसात का मौसम आरंभ हो जाएगा। जिसके कारण स्थानीय स्तर पर भी तैयारी चल रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों की मानें तो इस वर्ष बाढ़ व बारिश से निबटने के लिए सभी कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है।
वहीं नदियों पर नजर रखने की बात कही गई है। जिससे समय रहते राहत व बचाव कार्य आरंभ हो सके। बता दें कि प्रखंड के कुल 18 पंचायतों में से 11 पंचायत में नदियों का कहर पड़ता है। यह अलग बात है कि किसी पंचायत में इसका असर अधिक तो कुछ में कम देखने को मिलता है।

