शिक्षण संस्थानों को तंबाकू से मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान, बिहार के 33 जिले आएंगे दायरे में

पटना : स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से जिलों के शिक्षण संस्थानों को तंबाकू से मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाएंगे। पांच जिलों में शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने के लिए चलाए गए पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए अन्य जिलों में इस कार्यक्रम को प्रारंभ करने की तैयारी है।

स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर पांच जिलों (पटना के साथ ही दरभंगा, सुपौल, मुंगेर और लखीसराय) में सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तंबाकू मुक्ति के प्रयास किए।

इस दौरान दोनों विभागों की टीम ने स्कूलों में जाकर बच्चों को शिक्षकों के सहयोग से तंबाकू से होने वाले खतरों से अवगत कराया। बताया गया कि धूमपान, पैसिव स्मोकिंग और धूमरहित तंबाकू से किस प्रकार की जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्कूलों में चलाए गए अभियान के दौरान विद्यार्थियों के बीच कई प्रकार की प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। उसके बेहतर परिणाम मिले और पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह से सफल रहा। अब स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के शेष बचे 33 अन्य जिलों में इस अभियान को प्रारंभ करने का फैसला किया है।

अभियान प्रारंभ करने की तिथि अभी तय नहीं है। हालांकि, जल्द ही इसकी घोषणा होगी। स्वास्थ्य विभाग जिलों के स्वास्थ्य सेवकों और आशा कर्मियों के साथ शिक्षकों की मदद से स्कूलों में तंबाकू मुक्ति का अभियान चलाएगा। सफलता व प्राप्त परिणाम के आधार पर स्कूलों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा सकेगा।

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