केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद एक और बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह से पटना स्थित बंगला भी छीन लिया है। आरसीपी सिंह का बंगला अब बिहार के मुख्य सचिव संजय कुमार को अलॉट किया जाएगा।


जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पिछले लगभग 12 सालों से पटना स्थित बंगले में रह रहे थे। मगर अब उन्हें इसे खाली करना पड़ेगा। पिछले दिनों जदयू ने उनका राज्यसभा का टिकट भी काट दिया था।

उनकी जगह पार्टी ने खीरू महतो को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया और वे निर्विरोध निर्वाचित हो गए। राज्यसभा की सदस्यता जाने के बाद अब आरसीपी सिंह को अपना केंद्रीय मंत्री का पद भी छोड़ना पड़ेगा। वे अब अधिकतम 6 महीने तक ही केंद्रीय मंत्री रह सकते हैं।

एनडीए गठबंधन में जदयू की ओर से आरसीपी सिंह ही एकमात्र नेता हैं जो मोदी कैबिनेट में शामिल हैं। वे 7 जुलाई को राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

पूर्व आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह नीतीश कुमार सरकार में प्रधान सचिव रह चुके हैं। 2010 में वे जदयू की ओर से पहली बार राज्यसभा गए थे।

साथ ही वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। उनकी जगह पार्टी ने राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को पार्टी का प्रमुख बनाया।