मुजफ्फरपुर।जिले में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन उन्हें अबतक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। ऐसा प्रधानाध्यापकों की लापरवाही से हुआ है। इस कारण जिले में दूसरी से आठवीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले करीब आठ लाख छात्र-छात्राएं बिना पुस्तक ही पढ़ाई कर रहे।
जिले में 3046 में से 298 स्कूलों ने ही सरकार की ओर से विकसित मेधासाफ्ट एप पर विद्यार्थियों की इंट्री की है। इस एप पर नामांकित विद्यार्थियों की वर्तमान स्थिति का विवरण हां-ना में दर्ज करना है। इसके बाद सरकार की ओर से संबंधित विद्यार्थी के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि भेजी जाएगी।
बच्चों को राशि उपलब्ध हो जाने के बाद प्रखंड संसाधन केंद्र स्तर पर पुस्तक मेले का आयोजन किया जाना है। इसमें संबंधित पुस्तक विक्रेता पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराएंगे। बच्चे इसमें अपनी पाठ्य पुस्तक की खरीदारी करेंगे।
मध्य विद्यालय होम फार होमलेस के सातवीं कक्षा के विकास कुमार, सुमित, रौनक, गुडिय़ा, जूही आदि छात्र-छात्राओं ने कहा कि कक्षाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन पाठ्यपुस्तक नहीं है। ऐसे में कैसे पढ़ाई करें, शिक्षक जो पढ़ाते हैं उसका अलग से अध्ययन नहीं कर पाने के कारण अभ्यास नहीं कर पा रहे। इन विद्यार्थियों ने कहा कि मां-पिता मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाते हैं। उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि अलग से किताब खरीद सकें।

