पटना: लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव और बड़ी बहू ऐश्वर्या राय के तलाक से जुड़े मामले में पटना उच्च न्यायालय में अहम सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय को तलाक से पहले सुलह करने का आखिरी मौका दिया गया था. दोनों को एक बंद कमरे में काउंसलिंग कराई गई, लेकिन वो बेनतीजा रही।

मिली जानकारी के मुताबिक जस्टिस आशुतोष कुमार सिंह और जस्टिस जीतेंद्र कुमार की खंडपीठ ने इस अपील पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुलह का प्रयास करने को कहा। इसके लिए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को इनके बीच बैठक कर सुलह के लिए पहले करने को कहा गया। कोर्ट के निर्देश पर तेजप्रताप यादव और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय की बंद कमरे में काउंसिलिंग कराई गई।

काउंसलिंग के दौरान इन दोनों को अपनी वैवाहिक जीवन को बचाने के लिए एक मौका दिया गया, लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। जानकर बताते हैं कि दोनों अपने फैसले पर अडिग रहे। तलाक मामले पर सुनवाई के दौरान तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या न्याय कक्ष में उपस्थित थे। इनके साथ तेजप्रताप की मां और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और ऐश्वर्या राय के पिता पूर्व मंत्री चंद्रिका राय भी कोर्ट रूम में मौजूद रहे। सारी सुनवाई बंद कमरे में हुई।

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के वक्त कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से यह बताने को कहा था कि क्या दोनों पक्षों में सुलह की संभावना है? इसके लिए कोर्ट ने दोनों पक्षों से जवाब देने को कहा था। यहां यह भी बता दें कि ऐश्वर्या राय की तरफ से वरीय अधिवक्ता पी एन शाही ने कोर्ट के समक्ष उनका पक्ष रखा तो वहीं दूसरी तरफ तेजप्रताप यादव के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कोर्ट में अपनी दलील रखी।

जगन्नाथ सिंह ने बताया कि घरेलू हिंसा को लेकर ऐश्वर्या राय के विरुद्ध पारित आदेश जिसमें ऐश्वर्या राय को मेंटेनेंस देने से जुड़े मामले में राशि को बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है, उस पर अब 19 जुलाई को अगली सुनवाई होगी। उस दिन कोर्ट अपना फ़ैसला सुनाएगा और तेजप्रताप यादव को यह बताएगा कि उन्हें अब अपनी पत्नी; जिससे वो तलाक चाहते हैं उन्हें मेंटेनेंस के लिए कितनी राशि देनी पड़ेगी।
