सीतामढ़ी : शिवहर जिले के पूरनहिया में 17 साल से शिक्षिका के पद पर नौकरी कर रही थी। प्रशासन के आंख में धूल झोंक कर इतने दिनों से शिक्षिका नौकरी कर रही थी। हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के जांच में उक्त शिक्षिका का गर्दन फंस चुका हैं मिली जानकारी के अनुसार निगरानी की जांच में पकड़े जाने के बाद स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

उक्त मामला पूरनहिया के बसंतपट्टी निवासी रीता कुमारी दूसरे के नाम पर जारी इंटर के प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रही थीं। जांच में पकड़ी गई महिला उसी फर्जी प्रमाण पत्र पर पहले से शिक्षा मित्र बनने में कामयाब रहीं। फिर इसी के आधार पर पंचायत शिक्षिका भी बन गई। पिछले 17 साल तक शिक्षिका मानदेय भी प्राप्त करती रही।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक व शिवहर सहायक जांच अधिकारी राजेश कुमार ने पूरनहिया थाने में फर्जी प्रमाण पत्र पर जालसाजी के तहत नौकरी करने वाले मध्य विद्यालय बसंतपट्टी में तैनात शिक्षिका और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मध्य विद्यालय में पंचायत शिक्षिका के पद पर तैनात रीता कुमारी का इंटर का अंक प्रमाण पत्र फर्जी निकला है। दरअसल, पहले वर्ष 2005 में शिक्षामित्र के पद पर हुआ था। 2006 में बिहार सरकार के मानव संसाधन विकास विभाग के निर्देश के आलोक में 1 जुलाई को शिक्षक बन गई।

निगरानी जांच में पाया गया कि शिक्षिका के द्वारा हाईकोर्ट में त्याग पत्र नहीं दिया गया। शिवहर जिले के लिए प्रतिनियुक्त निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के जांच अधिकारी अवर निरीक्षक राजेश कुमार द्वारा उपलब्ध कराए गए फोल्डर के आधार पर शिक्षिका के शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच की।

शिक्षिका द्वारा उपलब्ध कराए गए पत्र सत्यापन के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना को दिया गया। बताया गया की शिक्षिका के फर्जी प्रमाण पत्र पर रोल कोड नंबर 3004 तथा 575 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी का उल्लेख है। जबकि जांच में इस रोल कोड और रोल नंबर अनिता कुमारी पिता कपिलदेव सिंह के नाम का उल्लेख है।
