शिक्षकों को वेतन भुगतान के मामले में पटना हाईकोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। उसके बाद शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान के लिए सभी डीपीओ (स्थापना) को जरूरी निर्देश दिया।

हर महीने के प्रथम शनिवार को जिला में कैंप लगाकर वेतन भुगतान संबंधी मामले का निपटारा करें
अब शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए डीपीओ स्थापना, नोडल पदाधिकारी बनाए गए हैं। डीपीओ का यह दायित्व होगा कि हर महीने के प्रथम शनिवार को जिला में कैंप लगाकर वेतन भुगतान संबंधी मामले का निपटारा करें।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सोमवार को सभी डीपीओ और डीईओ को इस बारे में पत्र लिखा है।10 दिनों के अंदर सभी शिक्षकों का वेतन भुगतान कर देना है। 26 जुलाई तक मुख्यालय को इस बात का पत्र भेज देना है कि किसी भी शिक्षक का वेतन भुगतान लंबित नहीं है।

कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान सुनिश्चित करें
अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि अक्सर यह देखा जा रहा है कि शिक्षकों का वेतन बिना कारण के रोक दिया जाता है और इसके बाद मामला न्यायालय में चला जाता है। इस तरह के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के कार्यरत अवधि का वेतन भुगतान करना सुनिश्चित करें।

कोर्ट ने शिक्षा विभाग के कई अफसरों के वेतन पर लगाई गई रोक हटा दी
बता दें कि वेतन से जुड़ा मामला कोर्ट गया था। इसको लेकर 22 जून को उमेश कुमार सुमन और वैशाली जिले के 30 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए वित्त सचिव को इनके वेतन पर रोक लगाना का निर्देश दिया गया था।

सोमवार को शिक्षा विभाग ने कोर्ट को हलफनामा दायर कर बताया कि जिन शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही लंबित है, उन्हें छोड़कर सभी शिक्षकों के वेतन भुगतान की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि शिक्षकों के शिकायत के निवारण के लिए शिकायत निवारण फोरम का गठन किया जा रहा है। इसी के साथ कोर्ट ने शिक्षा विभाग के कई अफसरों के वेतन पर लगाई गई रोक हटा दी।

