सरकारी जमीन पर बने घर को खाली कराने को लेकर सीओ पर मारपीट का आरोप लगा है। मामला बैसा प्रखंड का है। जहां सरकारी जमीन पर बने घर को खाली कराने पहुंचे बैसा सीओ के द्वारा विधवा महिला के साथ गाली गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित आशा देवी ने मामले को लेकर एसपी दयाशंकर से मिल न्याय की गुहार लगाई है।

जमीन अस्पताल कर्मियों ने काम के बदले दिया
पीड़िता आशा देवी ने कहा कि मेरे पिता स्व.सतदेव चौधरी बैसा मवेशी अस्पताल में 3000 रुपया प्रतिमाह की दर से झाड़ू-पोछा लगाने का काम करते थे। उनके मरने के बाद मैं वहां पर काम करने लगी। करीब 10 साल तक वहां काम की। लेकिन अबतक मुझे कोई मजदूरी नहीं मिली। मजदूरी के बदले वहां के अधिकारी मुझे सरकारी जमीन पर वसा दिया।

कहा कि तुम्हारी बेटी की शादी में सारा रुपया एकमुश्त दे देंगे। महिला ने कहा कि रुपया मांगने गए अस्पताल के वर्तमान डॉक्टर और कर्मी रुपया देने के बदले वहां से भगा दिया और घर खाली करने के लिए कहने लगे। वहीं वैसा सीओ राजनारायण राजा ने घर खाली कराने पहुंचे थे। घर खाली नहीं करने पर सीओ गाली ग्लौज करते हुए मारपीट करने लगे। गाली गलौज और मारपीट को लेकर एसपी दयाशंकर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई हैं।

सीओ ने कहा-आरोप निराधार, अतिक्रमण को हटाया
वहीं मामले पर बैसा सीओ राजनारायण राजा ने कहा कि महिला के द्वारा लगाया गया सभी आरोप निराधार है। महिला सरकारी जमीन को अतिक्रमण कर रखी थी। जिसको लेकर मवेशी अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा आवेदन दिया गया था। आवेदन पर कार्रवाई करते हुए महिला पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया है। महिला आशा देवी के साथ किसी ने कोई मारपीट नहीं की है।



