सीवान के महादेवा ओपी थाना क्षेत्र के पकड़ी मोड़ के समीप स्थित ओमेन्स हॉस्पिटल में सफाई करने वाले सफाई कर्मियों को कमरे में बंद कर बेरहमी से पिटाई करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना रविवार की देर रात्रि की बताई जा रही है। इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

घायल सफाई कर्मियों का आरोप है कि क्लीनिक के दो चिकित्सक इंदिरा साहू और गौतम साहू ने उनके साथ मारपीट की है। घायल की पहचान पचरुखी थाना क्षेत्र के बड़का गांव निवासी नरेश बांसफोर व उनकी पत्नी राजकुमारी देवी और पकड़ी मोड़ निवासी नंदलाल बांसफोर और उनकी पत्नी मीरा देवी के रूप में की गई।

घायलों ने बताया कि हम चारों लोगों का तीन महीने का बकाया वेतन डॉक्टर साहब नहीं दे रहे थे और बार-बार मांगने पर कह रहे थे कि दे देते है। रविवार को जब हम लोगों ने वेतन की मांग की तो वह अपने अस्पताल कर्मियों से दरवाजा बंद कराकर अंदर कमरे में बंद कर हम लोगों को बेरहमी से पीटने लगे। जब हम लोग चिल्लाने लगे तो अगल-बगल के लोग वहां पहुंचे और हम लोगों को बचाया।

इसके बाद परिजनों इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। सफाई कर्मियों ने यह भी कहा कि सोमवार को हम लोग उनके क्लीनिक के सामने धरना देंगे और जब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक हम लोग वहीं बैठे रहेंगे। इस संबंध में चिकित्सकों से संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

हमेशा विवादों में घिरा रहा इंदिरा साहू का यह हॉस्पिटल
महादेवा ओपी थाना क्षेत्र के पकड़ी मोड़ स्थित इंदिरा साहू का ओमेन्स हॉस्पिटल हमेशा विवादों में घिरा रहा है। इससे पहले भी कई लोग यहां अस्पताल प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। बता दें कि हाल ही में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक पीड़ित की अस्पताल में मृत्यु होने के बाद मृतक के परिजनों ने शव को अस्पताल गेट पर रखकर प्रदर्शन किया था। जबकि अस्पताल प्रबंधक इंदिरा साहू ने रेफर के दौरान उसकी मौत होने की बात कही थी।


