सुपौल नेपाल के पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद कोसी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। सोमवार की सुबह 08 बजे कोसी का डिस्चार्ज 1,81,115 क्युूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया। वहीं लगातार हो रही बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कोसी नदी का जलस्तर 2 लाख क्यूसेक पर पहुंचने की आशंका जाहिर की है।

मैदानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को लेकर रविवार को सुबह से ही जलस्तर में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई थी। रविवार को कोसी का जलस्तर 1,49 क्यूसेक से 181 पर पहुंच गया। रविवार को रात के 08 बजे कोसी का डिस्चार्ज 1,81,115 दर्ज किया गया था। इसके बाद कोसी नदी के जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र के जलस्तर में कमी आने के कारण सोमवार की सुबह 08 बजे कोसी का जलस्तर 1,78,115 क्यूसेक घटते क्रम में दर्ज किया गया था। लेकिन 02 घंटे बाद सुबह के 08 बजे जलस्तर बढ़कर 1,81,115 क्यूसेक दर्ज किया गया।

कोसी नदी के जल अधिग्रहण बराह क्षेत्र में भी जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है। जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर कोसी बराज स्थित नदी के 56 में से 26 फाटकों को खोल दिया गया है। वहीं जलस्तर में और अधिक संभावित बढ़ोतरी के मद्देनजर चीफ इंजीनियर द्वारा तटबन्धों पर चौकसी तेज कर दी गई है। कोसी नदी के नेपाल स्थित पूर्वी तटबंध एवं पश्चिमी तटबंध के सात अलग-अलग बिंदुओं पर नदी के बढ़ते जलस्तर का दबाब बताया जा रहा है।

दर्जनभर लोगों का घर हुआ कोसी में विलिन
जलस्तर बढ़ने के साथ ही सदर सहित सरायगढ़, किशनपुर, निर्मली एवं मरौना के दर्जनों गांव जलमग्न हाे गए है। पानी घर के भीतर घुस रहा है। तटबंध के भीतर बसे हजारों लोग घर छोड़कर पलायन करने को मजबुर है। तटबंध के भीतर बसे मरौना प्रखंड के घोघरिया पंचायत स्थित खुखनाहा गांव में कटाव लगने से एक दर्जन लोगों का काेसी में विलिन हो गया है। लोगों ने बताया कि हमलोगों का घर कोसी नदी में विलिन हो गया है। लोगों को निकालने के लिए सरकार के द्वारा अबतक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। खुद के बूते ही लोग किसी तरह ऊंचे स्थानों पर जा रहें है।



