पटना के दानापुर में अपने घर में फर्जी ट्रैवल एजेंसी खोलकर लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाला जालसाज गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। राजधानी के कई थाने की पुलिस वर्षों से इसकी तलाश में थी। दानापुर एएसपी अभिनव घीमन ने बताया कि 300 से अधिक लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाला जालसाज सागर तिवारी एवं राहुल तिवारी के खिलाफ रूपसपुर थाने में एक और मामला दर्ज हो गया।

इनकी जालसाजी का शिकार घोषी जहानाबाद निवासी चन्द्रशेखर कुमार ने मामला दर्ज कराते हुए इन जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं गिरफ्तार जालसाज़ राहुल तिवारी को पूछताछ व कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

शुक्रवार को एएसपी अभिनव धीमन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रूपसपुर थाना अंतर्गत हरिओम नगर निवासी श्याम नारायण तिवारी के दोनों पुत्र सागर तिवारी एवं राहुल तिवारी अपने घर में स्पर्स इन्टरप्राइजेज नामक फर्जी ट्रेवलर्स चलाने कंपनी खोल रखी थी। वे लग्जरी गाड़ियां सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में भाड़े पर चलाने का झांसा देकर उनकी गाड़ी ले लेते थे और उन्हें बाहर कहीं बेच देते थे।

एसे ही वादी चन्द्रशेखर कुमार को विश्वास में लेकर उनका गाड़ी नं0 BROE94686 को भाड़े पर लेने परन्तु भाड़ा नहीं देने तथा वादी के ससुर रविन्द्र पासवान का गाड़ी फाइनेंस कराने के नाम पर उनसे पैसा लेकर गबन कर दिये जाने के आरोप है।

उन्होंने बताया कि अनुसंधान के क्रम में ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों द्वारा एक ही गाड़ी कई व्यक्ति को दिखाकर उन्हें धोखा देकर फाइनेंस कराने के नाम पर करोड़ों रूपये का ठगी का कार्य किया गया है। अनुसंधान के क्रम में यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त राहुल तिवारी उर्फ राहुल राज के विरूद्ध इस कांड के अतिरिक्त थाना रूपसपुर, मनेर, कुढ़नी मुजफ्फरपुर, फुलवारी, बुद्धा कॉलोनी, पटना कोर्ट में भी कई मामले दर्ज है।

आरोपित राहुल तिवारी का भाई पहले से ही जालसाजी के मामले में जेल में बंद है। उसके ऊपर भी कोलकाता में भी मामले दर्ज है। फुलवारी थाने में गिरफ्तारी के वक्त कोलकाता पुलिस ट्रॉजिस्ट रिमांड पर अपने साथ ले गई थी। ज्ञात हो कि गुरुवार को रूपसपुर थाने की पुलिस ने गांधी मैदान पटना स्थित न्यायालय परिसर से कई महीनों से फरार चल रहे जालसाज़ राहुल तिवारी को लोगों के सहयोग गिरफ्तार किया था।


