अनुपस्थिति विवरणी भेजने के एवज में औरंगाबाद के सहायक अभियंता सीताराम सहनी को 40 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। निगरानी विभाग की टीम ने सहायक अभियंता को उनके आवास से गिरफ्तार किया है। वहीं ,सहायक अभियंता के पटना के बोरिंग रोड चौराहा स्थित जगत भवानी अपार्टमेंट में भी निगरानी विभाग की टीम छापेमारी कर रही है।

16 अगस्त को हुई थी एफआईआर
मामले की शिकायत औरंगाबाद कार्य प्रमंडल विभाग के कनीय अभियंता रोहतास जिले के अंकाेढ़ी गोला थाना क्षेत्र के महुअरी गांव निवासी विनय कुमार की ओर से की गई थी। आवेदन के आधार पर मामले की जांच कराई गई। जांच में मामला सही पाए जाने पर 16 अगस्त को पटना निगरानी थाना में एफआईआर दर्ज की गई।

फिर 22 अगस्त को कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता को पकड़ लिया गया। निगरानी डीएसपी अरूण कुमार ने बताया कि सहायक अभियंता के औरंगाबाद शहर के क्लब रोड स्थित आवास से कुछ बैंक पासबुक और नकद भी मिले हैं।

कनीय अभियंता का बक्सर हो गया था ट्रांसफर
कनीय अभियंता विनय कुमार के दिए गए आवेदन में बताया गया है कि उनका तबादला औरंगाबाद से बक्सर हो गया है। 4 जुलाई 2022 को बक्सर में योगदान दिया। इससे पहले 3 अगस्त 2020 को औरंगाबाद कार्यालय से लौटते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया था।

जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गया थे। इसके बाद इलाज कराने चले गए। ठीक होने के बाद 3 फरवरी 2022 को वे कार्यालय में योगदान देने के बाद कार्य करने लगे। लेकिन इसके बीच 3 अगस्त 2021 से जून 2022 तक अनुपस्थिति विवरणी सहायक अभियंता की ओर से नहीं देने के कारण आज तक वेतन नहीं मिला।

50 हजार की डिमांड की गई थी
वेतन नहीं मिलने के कारण कार्य प्रमंडल औरंगाबाद से उनका अंतिम वेतन प्रमाण पत्र भी निर्गत नहीं हो रहा था। इसको लेकर कनीय अभियंता द्वारा कई बार शिकायत सहायक अभियंता से की गई, लेकिन नहीं भेजा गया।
जब 15 अगस्त 2022 को वे अनुपस्थिति विवरणी भेजने के लिए बोलने सहायक अभियंता के पास पहुंचे तो उन्होंने 50 हजार रुपए की डिमांड की। नहीं देने पर अनुपस्थिति विवरणी नहीं भेजने की बात कही। इसके बाद कनीय अभियंता द्वारा निगरानी में शिकायत की गई।

