पटना : उषा लकड़ा को आत्महत्या किए 70 दिन से ज्यादा बीत चुके है। न्याय तो छोड़िए पुलिस एक कदम भी नहीं बढ़ पाई है। अभियुक्त की गिरफ्तारी तो बहुत दूर की बात है। पुलिस आज तक पूछताछ भी नही कर पाई है।

उषा की बुर्जुग मां न्याय के लिए दर दर की ठोकर खाने को मजबूर है। उषा लकड़ा के परिजनों का कहना है की पुलिस मामले को लेपा पोती करनी में लगी है। उषा के भाई ने कहा इस केस की आईवो फुलवारी थानों की दारोगा अन्नु प्रिया फोन तक नहीं उठती, अगर कभी बात होती है तो हमेशा 2 से 4 दिन का वक्त मांग कर बात को टाल देती है।

परेशान होकर की थी खुदकुशी
लगभग डेढ़ महीने पहले पटना AIIMS की नर्सिंग स्टाफ उषा ने अपने दोस्त से तंग आकर अपनी जान दे दी थी। उषा लकड़ा का दोस्त अमित टोपो उषा को लगातार परेशान करता था। उसे बर्बाद करने की धमकी देता था। हमेशा लड़ाई झगड़ा करता था, गाली गलौज करता था। उषा की दोस्तों ने बताया था की अमित से तंग आ कर उषा ने जान दी थी। इतना ही नहीं उषा ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का कारण अमित टोपो को ठहराते हुए अमित के नाम के साथ अमित की मां का भी नाम लिखा था। ताकि अमित को पहचानने में किसी तरह का कोई कन्फ्यूजन ना हो।

झारखंड के गुमला की रहने वाली थी
उषा लकड़ा मूलतः झारखंड के गुमला की रहने वाली थी। उषा पटना के फुलवारी थाने क्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी में किराए के माकन में रह कर एआईआईएमएस में नौकरी करती थी। वहीं, पर उषा ने आत्महत्या की थी। मामला फुलवारी थाना क्षेत्र का होने के कारण मामला फुलवारी थाना में ही दर्ज किया गया।

परिजनों ने पटना पुलिस पर लगाया टाल-मटोल का आरोप
उषा की मां और उनके भाई 2 दिनों से पटना में हैं। दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया की आज 70 दिन से ज्यादा का वक्त गुजर गया लेकिन मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल सका। आरोपी से आज तक ना गिरफ्तार किया है और ना ही पूछताछ हुई है। मामले में किसी तरह की जानकारी के लिए जब इस केस की (IO) अनु प्रिया को कॉल किया जाता है लेकिन अनु प्रिया फोन नही उठाती। पटना आने पर थाने से टाल मटोल कर हमे भेज देती है।

इस केस की आईवो अन्नु प्रिया से दैनिक भास्कर ने इस मामले में बात की। बातचीत में अन्नु प्रिया ने बताया की एक राज्य से दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए आईजी की परमिशन की जरूरत होती है। हमे अभी तक परमिशन नही मिल पाया है। लेकिन अगले 2 से 3 दिनों में परमिशन लेकर हम अभियुक्त को गिरफ्तार कर लेंगे।
