पटना में माइनिंग इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद को जान से मा’रने की ध’मकी देने वाला और खुद को राजद विधायक रीतलाल यादव का भाई बताने वाला संतोष फ’रार हो गया है। FIR दर्ज होने के बाद से कोतवाली थाना की पुलिस ने उसकी त’लाश तेज कर दी है। पटना से पुलिस की एक टीम पालीगंज स्थित अकूरी गांव वाले घर पर गई थी। पर इस छा’पेमारी के दौरान ध’मकी देने वाला संतोष वहां नहीं मिला। वो लगातार अपना ठि’काना बदल रहा है।
जब वो घर पर नहीं मिला तो पुलिस ने टेक्निकल तौर पर मदद ली। जिस मोबाइल नंबर से उसने मंगलवार को माइनिंग इंस्पेक्टर को कॉल कर जा’न से मा’रने की ध’मकी दी थी।
पुलिस ने उस मोबाइल नंबर का टावर लोकेशन खं’गालना शुरू किया। तब उस नंबर का लो’केशन पटना जिले से काफी दूर का मिला। थानेदार संजीत सिंह के अनुसार संतोष फ’रार है और वो पटना जिले से काफी दूर पर है। उसकी त’लाश लगातार चल रही है।
माइनिंग इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद की टीम ने मंगलवार को बालू से ओवर लोड हाइवा को पकड़ा था। जो दानापुर थाना में ज’ब्त है। जिसका रजिट्रेशन उत्तर प्रदेश से है। अब पुलिस की टीम ट्रक नंबर UP78AT/3732 के आधार पर इसके मालिक का पता लगाने में जुटी है।
ट्रक का मालिक कौन है? दूसरे राज्य से रजिस्टर्ड हुई ट्रक बिहार में कब से चल रही थी? इसका स्थानीय स्तर पर इसका इस्तेमाल कौन लोग कर रहे थे? इस बार में भी पता लगा रही है। क्योंकि, इस ज’ब्त ट्रक को छु’ड़वाने की लिए संतोष ने खु’लेआम ध’मकी दी थी।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि दानापुर से रीतलाल यादव राजद के विधायक हैं। ध’मकी देने के दौरान संतोष ने इनका नाम लिया था। खुद को विधायक का भाई बताया था।
अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इसका विधायक से किसी प्रकार का कोई संबंध है भी या नहीं? माइनिंग इंस्पेक्टर से लेकर डिस्ट्रिक्ट ऑफिस में काम करने वाले माइनिंग के दूसरे पदाधिकारियों और कर्मचारियों को भी ध’मकाया गया था।
अब इस मामले में ठो’स स’बूत जु’टाने के लिए पुलिस टीम इनकम टैक्स गोलंबर और माइनिंग ऑफिस में लगे CCTV कैमरे के फुटेज को खं’गालेगी। फुटेज से पता चलेगा कि संतोष कब आया था? उसके साथ कितने लोग थे? किसी तरह की उसकी एक्टिविटी थी?
