खगड़िया. खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के विकास अधिकारी अखिलेश कुमार ने पद की गरिमा को तार-तार कर दिया. इस बीडीओ ने मारपीट का एक ऐसा कारनाम किया कि लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उसे थप्पड़बाज कहा जाये या लाठीबाज. मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी रंजन घोष ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है. हैरानी की बात यह है कि ब्लॉक डवलपमेंट अधिकारी (बीडीओ) जिनको बुरी तरह पीट रहे हैं उन दो भाइयों को गलती सिर्फ इतनी सी है कि वे बैरिकेडिंग को पार करके आ गए थे.

वायरल हो रहे वीडियो को देखा जा सकता है कि दो भाई जाति आवासीय प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए ब्लॉक कार्यालय पहुंचे हैं. पुलिसकर्मी दोनों भाइयों को पकड़े हुए हैं और बीडीओ दे-दनादन लाठी और थप्पड़ों की बरसात कर रहे हैं. वीडियो को देखकर समझा जा सकता है कि अधिकारी किस तरह से बेलगाम हो रहे हैं. खगड़िया डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया कि पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद बीडीओ को नगर पंचायत चुनाव के ARO के पद से अलग कर दिया गया है और स्पष्टीकरण मांगा गया है.

बैरिकेडिंग को पार करने पर दी गालियां
बताया जा रहा है कि परबत्ता के तेमथा गांव के ग्रामीण सुप्रभाष अपने भाई संजीत के साथ प्रखंड कार्यालय आया था. चूंकि नगर पंचायत चुनाव को लेकर नामिनेशन चल रहा है, जिसके कारण प्रखंड कार्यालय के गेट पर बैरिकेडिंग लगाये गये हैं. उसी बैरिकेड को पार कर दोनों भाइयों ने प्रखंड कार्यालय में प्रवेश किया. इस दौरान पुलिस वालों ने उन्हें गालियां दी.

गुस्साए बीडीओ ने थप्पड़ और लाठी से की पिटाई
पुलिस के द्वारा गाली-गलौज की शिकायत को लेकर दोनों भाई परबता बीडीओ के पास पहुंचे. वहां भी मजिस्ट्रेट और बीडीओ के साथ दोनों भाइयों का विवाद हो गया. इसके बाद बीडीओ ने आव देखा न ताव पहले थप्पड और फिर लाठी से दोनों भाई की पिटाई कर थाना के हवाले कर दिया. इस मामले में शुप्रभाष ने कहा कि प्रखंड के कर्मचारी के बुलाने के कारण जाति आवासीय प्रमाण-पत्र के कागज पर साइन कराने के लिए गए थे. पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने में कुछ देर बिठाया और फिर छोड़ दिया. वही परबता बीडीओ अखिलेश कुमार का कहना है कि दोनों भाई उनके साथ उलझ गए और कॉलर पकड़ लिया था. उसके बाद वे गुस्से में आ गए.



