मुजफ्फरपुर शहर समेत पूरे जिले में इन दिनों बाइक चोरों का आतंक तेजी से बढ़ा है। कोई ऐसा दिन नहीं गुजरता है जबकि चार से पांच बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाती है। आपमें से शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिनकी खुद की या फिर उनके परिचित की बाइक चोरी न गई हो। उसके बाद थाना-पुलिस के लिए जो चक्कर लगाने पड़ते हैं, उसके बारे में कहना ही क्या? अब सदर थाने की पुलिस ने बाइक चोर गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। इसमें माधोपुर सुस्ता के गोविंद कुमार, रौशन कुमार व दीपू कुमार शामिल हैं। इनके ठिकाने से चोरी की एक बाइक भी जब्त की गई है। सभी से पूछताछ कर उसकी निशानदेही पर कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
मोबाइल से भी कम कीमत में बाइक
इन बाइक चोरों से की जा रही पूछताछ में जो जानकारी निकल कर सामने आई वह चौंकाने वाली है। आज की तारीख में यदि हम कोई भी बाइक खरीदते हैं तो वह लाख रुपये के आसपास पड़ती है। यदि मैं आपसे अनुमान लगाने के लिए कहूं कि आपकी लाख रुपये की बाइक चोरी करने के बाद ये अपराधी उसे किस रेट में बेचते हैं? आप शायद यकीन न कर पाएं, वे इसे पांच से 10 हजार रुपये में निकाल देते हैं। मतलब एक 5जी मोबाइल की कीमत से भी कम दाम में। वहीं बाइक चोरी होने के बाद आपको जो परेशानी होती है उसका तो कोई अंत ही नहीं है।
दूसरे जिले में बेचते हैं बाइक
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में पता चला कि गोविंद समेत उसके साथी शहरी क्षेत्र से कई बाइक चोरी कर चुके हैं। चोरी की बाइक को दीपू सुरक्षित स्थान पर ठिकाने लगाता है। इसके बाद रौशन उसे सस्ते दाम पर बेचने का काम करता है। इसके बाद सभी आपस में पैसे का बंटवारा करते हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी के संपर्क वैशाली, समस्तीपुर व सीतामढ़ी के बाइक चोरों से भी हैं। चोरी की बाइक दूसरे जिले में ठिकाने लगाते थे ताकि पकड़ में नहीं आएं।
रौशन ने पुलिस को बताया कि पांच से 10 हजार में बाइक बेची जाती है। मालूम हो कि दारोगा मणिभूषण कुमार भिखनपुरा इलाके में वाहन जांच कर रहे थे। इसी क्रम में एक साथी पकड़ा गया। इसके बाद जांच दर जांच अन्य दोनों को उठाया गया। मामला दर्ज कर सभी को जेल भेजने की कवायद की जा रही है।



