पटना: बिहार में डेंगू के मामले बेतहाशा बढ़ रहे हैं। केवल पटना के सरकारी अस्पतालों में ही रोजाना 300 से 400 नए मरीज सामने आ रहे हैं। दूसरी तरफ ढेरों मरीज तो निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों में ही इलाज और जांच करा रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अकेले पटना के हर रोज एक हजार डेंगू मरीज सामने आ रहे हैं। इस बीच पटना में ही स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं।
पटना शहर के बाद गांवों में भी बढ़े मामले पटना जिले में शहरी के अलावा अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं। शुक्रवार को जिले में 351 नए मरीज मिले हैं। हालत यह है कि जांच कराने वालों में 70 प्रतिशत से भी अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। इसके साथ ही रोगियों की संख्या बढ़कर 252; हो गई है। इनमें से गुरुवार को जो सैंपल लिए गए थे उनमें से 166 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है।
500 से अधिक रोगी अस्पतालों में भर्ती
इसके अलावा पीएमसीएच में 137 लोगों की जांच में 84, एनएमसीएच में 147 में से 63 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। आइजीआइएमएस में 87 में से 38 डेंगू मरीज मिले हैं। ये मामले अभी सरकारी आंकड़ों में नहीं जुड़े हैं। पांच सौ से अधिक रोगी भर्ती हैं। 150 मरीज अकेले रूबन मेमोरियल में हैं। हालत यह है कि सरकारी जांच केंद्रों में केमिकल कम पड़ने लगा है। लोगों को दो से तीन दिन बाद जांच रिपोर्ट मिल रही है।
पटना में स्वाइन फ्लू का एक और मामला मिला
दूसरी तरफ, पटना में डेंगू के बाद अब संक्रामक रोग स्वाइन फ्लू (एच1एन1 एनफ्लूएंजा वायरस) का दूसरा मामला भी सामने आया है। दूसरा मामला भी पाटलिपुत्र स्थित रूबन मेमोरियल हास्पिटल में है और यह भी महिला है। हालांकि महिला खतरे से बाहर है। रूबन मेमोरियल हास्पिटल के प्रबंधक डा अविनाश कुमार ने बताया कि जूली नामक 35 वर्षीय महिला में इसकी पुष्टि हुई है।

मसौढ़ी की महिला में मिला स्वाइन फ्लू
मसौढ़ी निवासी महिला को तेज बुखार के कारण भर्ती कराया गया था। जांच के क्रम में एच1एन1 एनफ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। खांसने, छींकने, सांस या संक्रमित के नजदीक जाने से होने वाले इस रोग के फैलने का कारण मौसम में तेजी से होते बदलाव का माना जाता है।


