पटना हाई कोर्ट ने शराबबंदी कानून को लागू करने वाली प्रणाली की त्रु’टियां गिनाते हुए इसे सही तरीके से लागू करने की सलाह दी है।
एक याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ के न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह ने कहा कि बिहार के मद्य निषेध और उत्पाद प्र’तिबंधन का’नून को ठीक से लागू न होने के कारण नागरिकों के जीवन और पर्यावरण पर प्र’तिकूल असर पड़ रहा है।
अ’वैध शराब को न’ष्ट करने की वजह से पारिस्थितिकी अनसंतुलन पैदा हो रहा है। राज्य को चाहिए कि वह प्रभावी रूप से इस कानून को लागू करने में वैज्ञानिक और ईको फ्रेंडली तकनीक अपनाए।
याचिका नीरज सिंह की ओर से दायर की गई थी। न्यायाधीश ने 20 पेज के आदेश में शराबबंदी कानून के नौ प्रतिकूल प्रभावों की चर्चा की।





