बिहार: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रियदर्शनी दुबे ने वैशाली बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है और अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने अपनी भड़ास सोशल मीडिया के माध्यम से निकाली है. अब उनके आरोप को लेकर भारतीय जनता पार्टी की वैशाली इकाई में हड़कम मंच गया है और इसके बाद से ही सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है.
प्रियदर्शनी दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने लिखा, ‘मेरे मोदी जी तो महिलाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा वैशाली महिलाओं के सम्मान से खेलती है. अब बहुत हो गया; अब नहीं’. जिसके बाद जिला सहित प्रदेश में भी राजनीतिक का पारा चढ़ गया है.
बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह वैशाली जिले की ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ संयोजक सह नवादा जिला की महिला प्रकोष्ठ प्रभारी प्रियदर्शनी दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है. यही नहीं अपने पोस्ट में उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी भिखू भाई दलसानिया को भी टैग किया है.

प्रियदर्शनी दुबे का आरोप है कि वैशाली जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने उनके साथ बदसलूकी की है. हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रेम सिंह कुशवाहा ने उनकी बेइज्जती करते हुए कहा कि इसे किसने बुलाया है इसे नहीं बुलाया जाना चाहिए. इसी बात पर नाराज होकर प्रदर्शनी दुबे ने सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रियदर्शनी दुबे की मानें तो पार्टी कार्यालय से पोस्ट को डिलीट करने का दबाव डाला जा रहा है.

हालांकि, इस विषय में भारतीय जनता पार्टी के वैशाली जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने कहा है कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है. जबकि प्रियदर्शनी दुबे ने कहा है कि इस विषय में उन्होंने हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह और लालगंज विधायक संजय सिंह से भी बात की है. प्रियदर्शनी दुबे का आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था और वह वैशाली जिले की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मोर्चा के संयोजक है. इसलिए भी यहां के कार्यक्रमों में शामिल होती रही है.

उनका यह भी कहना है कि जिला अध्यक्ष मुझे पार्टी से नहीं हटा सकते हैं, लेकिन उनका इस तरह का बयान टॉर्चर कर रहा है. जिससे परेशान होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. जिसे अब डिलीट करने के लिए कहा जा रहा है. लेकिन उन्होंने भी कह दिया है कि अब इसे डिलीट करने से क्या फायदा जब सभी लोग जान ही चुके हैं.

