मुजफ्फरपुर : मेक इन इंडिया का असर दिवाली बाजार पर भी साफ दिख रहा है। “शेर” की दहाड़ से “ड्रैगन” सहमा हुआ है। इस दिवाली स्थानीय बाजार में चाइनीज सजावटी बल्बों, झालरों, लड़ियों की जगह देश में ही तैयार इन सामग्री की उपलब्धता अधिक दिख रही है। अच्छी क्वालिटी और अधिक टिकाऊ होने के कारण ग्राहकों की भी ये पहली पसंद बने हुए हैं। थोक कारोबारी आलोक केजरीवाल ने बताया कि जिले में इस बार बिजली आइटमों के 30 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है।

देसी आइटम की गुणवत्ता काफी बेहतर
इस बार दिवाली में चाइनीज सजावटी इलेक्ट्रिक आइटमों की आवक नहीं है। पहले के ही कुछ बचे-खुचे चाइनीज प्रोडक्ट्स दुकानों में पड़े हैं। वहीं रंग-बिरंगे स्वदेशी एलइडी बल्बों व झालरों से बाजार गुलजर है। इनकी कीमत चाइनीज की अपेक्षा थोड़ी अधिक जरूर है, लेकिन देसी आइटमों की गुणवत्ता काफी बेहतर है। जवाहरलाल रोड और इस्लामपुर की गलियों में इसकी बिक्री हो रही है। घरों और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए स्वदेशी सजावटी बल्बों का इस्तेमाल लोग अधिक कर रहे हैं। शहर में कपड़े के अलावा इलेक्ट्रिक आइटमों की भी थोक मंडी होने के कारण यहां नेपाल तक के व्यापारी आ रहे हैं। मंगलवार को सीतामढ़ी, रक्सौल, समस्तीपुर, दरभंगा तक के व्यापारी पहुंचे थे।
शहर से लेकर गांव तक मांग
एक दुकानदार ने बताया कि इस बार स्वदेशी झालर में भी एक से बढ़कर एक वेराइटी आई है। नमूने के तौर पर कमल की आकृति का पानी में जलने वाला एलईडी बल्ब युक्त दीया ग्राहकों को खूब भा रहा है। इसके छह पीस का सेट डेढ़ सौ से लेकर तीन सौ रुपये में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस दीये के आने से तेल की बचत होगी। कारोबारी रवि कुमार ने बताया कि शहर में चौक-चौराहों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वदेशी आइटमों से दुकानें सज गईं हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर तकरीबन 500 दुकानों में इनकी बिक्री हो रही है।




