मुजफ्फरपुर : छठ महापर्व को लेकर बाजारों में चहल-पहल के साथ रौनक लौट गई है। छठ पर्व को लेकर श्रद्धालु सूप-उदरा सहित अन्य पूजा सामग्रियों की एकत्रित कर तैयारियों में जुट गए है।
विशेषकर इस पर्व में नारियल के डिमांड को देखते हुए अहियापुर बाजार समिति बहुत बड़ा बाजार बन गया है। इसमें 20 से 25 व्यापारी जुटे हुए है। प्रतिदिन डेढ़ से पांच ट्रक नारियल की खपत हो रही है।
नारियल विक्रेता का कहना है कि बेंगलुरु, असम, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश से प्रतिदिन चार से पांच ट्रकों पर डेढ़ से दो लाख पीस नारियल आ रहे हैं। यहां से नेपाल बार्डर तक के व्यापारी पिकअप व अन्य साधनों से नारियल ले जा रहे हैं।
सत्यनारायण साह ने बताया कि एक महीना पहले से ही इन राज्यों के व्यापारी यहां नारियल भेज रहे हैं। इस मंडी में प्रतिदिन 11 लाख रुपये का नारियल आ रहा है। इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल में बर्बाद हुए व्यापार इस बार छठ मइया की कृपा से उबर जाएगी। उन्होंने कहा कि यहां होलसेल के अलावा खुदरा बिक्री भी की जा रही है।
पानी वाले नारियल 50 रुपये जोड़ा उपलब्ध है। तमिलनाडु का नारियल बड़ा साइज का होता है। अहियापुर में 60 रुपये जोड़ा इसकी बिक्री हो रही है। इसके अलावा बाजार में दूसरे प्रदेश से केला भी पहुंच रहा है।
कुछ लोग अभी से ही कच्चे केले का धौंद खरीद कर रख रहे हैं। केला व्यापारी का कहना है कि अभी बड़ी संख्या में केले की खेप मंगाई जा रही है। छठ पूजा के लिए सीलीगुड़ी से प्रतिदिन चार पिकअप में भरकर 20 लाख रुपये का अनानास भी आ रहा।
इस व्यापार से जुड़े नीरज कुमार ने बताया कि छोटा-बड़ा सभी तरह का अनानास आ रहा है। पटना, हाजीपुर से लेकर नेपाल तक के व्यापारी ले जा रहे हैं। छठ पर्व को लेकर शहर में मिट्टी के चूल्हे की बिक्री दीपावली के पहले से ही शुरू हो गई है।
नदी किनारे से मिट्टी लाकर बनाया जा रहा है। चंदवारा की तरफ इस कार्य में कई महिलाएं लगी हुई हैं। देवी मंदिर के समीप चूल्हा बेच रहे राम प्रसाद पासवान ने बताया अभी 100 रुपये में चूल्हे की बिक्री हो रही। 30 वर्ष पूर्व पचास पैसे में चूल्हा मिल जाता था। इस बार इसकी बिक्री सौ रुपये में हो रही है।


