पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों को लेकर बुधवार को सड़क मार्ग से विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ व्रतियों को अर्घ्य देने में कोई परेशानी न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
छठ व्रतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों के पास मजबूत बैरिकेडिंग कराएं। घाटों पर साफ-सफाई एवं स्वच्छता की पूरी व्यवस्था रखें। घाटों के पहुंच पथ एवं गंगा नदी के किनारों की सड़कों के पास छठ व्रतियों के सुचारू आवागमन का प्रबंध कराएं। छठ व्रतियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें ताकि उन्हें अर्घ्य देने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों को जानकारी दें कि कौन से छठ घाट पर बेहतर व्यवस्था की गई है, ताकि व्रती इसके बारे में जान सकें। वहां सुविधापूर्वक पहुंच सकें। कहा कि लोगों के लिए काम में हम हमेशा लगे रहते हैं। वर्ष 2006 से ही छठ घाटों का निरीक्षण करते रहे हैं, ताकि छठ व्रतियों को हर प्रकार की सहूलियत मिले।
इससे पहले वे स्टीमर से तैयारियों का निरीक्षण करते थे, लेकिन 15 अक्टूबर को निरीक्षण के दौरान गंगा नदी में स्टीमर में आई अचानक खराबी से उन्हें चोट लग गई थी। उसका प्रभाव अभी तक है। उन्होंने पत्रकारों को पेट का वह हिस्सा भी दिखाया, जहां चोट लगी थी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ से होते हुए दीघा के पाटीपुल घाट, जेपी सेतु घाट, 93 घाट, 83 घाट, बालूपर घाट, कुर्जी घाट, एलसीटी घाट, पहलवान घाट, अंटा घाट और कलेक्ट्रेट घाट का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने दीघा के पाटीपुल घाट पर रूक कर वहां की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। फिर मुख्यमंत्री जेपी गंगा पथ पर रुककर 93 घाट और कलेक्ट्रेट घाट की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने घाटों की सफाई, सुरक्षा एवं स्वच्छता के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।





