पटना. शराबबंदी वाले राज्य बिहार में शराब के चेन को तोड़ने के लिए शराब उत्पादकों और सप्लायर के ऊपर मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की विशेष कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए दूसरे राज्यों के शराब माफियाओं को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी. इसका मकसद शराबबंदी को बिहार में और सख्ती से लागू कराना है.
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की सोमवार को संख्यात्मक बैठक संपन्न हुई. बैठक के बाद लिये गये फैसले के बारे में राज्य के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में शराब की दूसरे राज्यों से की जाने वाली सप्लाई की कड़ी को तोड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी.
इस मौके पर मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने कहा कि 20,000 लोगों को शराब के मामले में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में 350 लोग इंजीनियर डॉक्टर और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.

मद्य निषेध विभाग के आईजी अमृतराज ने बताया कि पुलिस ने दूसरे राज्यों से लगभग 90 शराब माफिया को अब तक गिरफ्तार किया है जो शराब की सप्लाई में शामिल थे. अमृतराज ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा केवल एक साल में 60,000 लोग शराबबंदी कानून के तहत गिरफ्तार किए गए हैं. आईजी ने कहा कि सबसे ज्यादा लोग पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश झारखंड और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किए गए हैं.
मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि 1 साल में 7000 लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है. इसमें सितंबर और अक्टूबर माह में हर दिन 12 सौ लोगों की गिरफ्तारी हुई है जबकि जनवरी में प्रतिदिन 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक का मतलब यह नहीं है कि पीने वालों को इसी तरह की कोई छूट दी जाएगी. अगर पीने वाले दिख जाते हैं तो उन पर कार्रवाई सुनिश्चित है.


