आप कलाकार हैं तो बिहार सरकार देगी सहायता, बस करें ये काम….

राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को वित्तीय सहायता देगी। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने इसके लिए कलाकार कल्याण कोष के तहत आनलाइन आवेदन मांगे हैं। राज्य के कलाकार महत्वपूर्ण संस्थानों में डिग्री व शोध कार्य से लेकर देश-विदेश के महत्वपूर्ण आयोजनों में शिरकत करने के लिए भी वित्तीय सहायता ले सकते हैं। विभाग के अनुसार, वैसे कलाकार ही अनुदान के पात्र होंगे जिनकी आय 30 हजार रुपये मासिक से ज्यादा न हो। ऐसे में आवेदन के साथ आय प्रमाण पत्र भी देना होगा। इच्छुक कलाकार 30 नवंबर तक विभागीय पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

संगीतal Notes Symbols Hd डेस्कटॉप डेस्कटॉप फोटो Background Free Download  संगीत Notes डेस्कटॉप फोटो संगीत डेस्कटॉप फोटो फ़ोटो द्वारा Sara30 | फोटो  शेयर छवियाँवाद्य यंत्र के साथ कला सामग्री की खरीदारी में भी सहायता

योजना के तहत अनुदान या वित्तीय सहायता एकमुश्त प्रदान की जाएगी। ऐसे उदीयमान कलाकार जो अभावग्रस्त परिस्थति में हैं और जिनकी मासिक आय 7500 रुपये से कम है, उन्हें चिकित्सा के अतिरिक्त वाद्ययंत्र व कला सामग्री आदि की खरीद के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए क्रय समिति की अनुशंसा अनिवार्य होगी। योजना के तहत गंभीर रोग से ग्रसित कलाकारों, अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में प्रस्तुति देने और राष्ट्रीय स्तर के नाट्य या कला केंद्र में नामांकन या शोध के लिए भी कलाकारों को एकमुकश्त सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की कला प्रदशर्नियों में आमंत्रण पर तैयारी व मार्ग व्यय के लिए

पोशाक और छात्रवृत्ति की दी जाएगी राशि 

आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए संबंधित प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ देना होगा। राज्य सरकार ने चालू शैक्षणिक सत्र में सभी सरकारी समेत अनुदानित विद्यालयों एवं मदरसों के छात्र-छात्राओं के पोशाक और छात्रवृत्ति भुगतान के लिए 210 करोड़ 42 लाख रुपये जारी किया है। इसमें 96 करोड़ 67 लाख रुपये पोशाक और 113 करोड़ 75 लाख छात्रवृत्ति मद में है। इस राशि से पहली से आठवीं कक्षा के 41 लाख 79 हजार छात्र-छात्राओं को पोशाक के लिए और 16 लाख 75 हजार बच्चों को छात्रवृत्ति के लिए उनके खाते में पैसे भेजा जाएगा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading