मधुबनी: वर्षों से मैथिल समाज के वर-वधु की युक्ति स्थल के रूप में प्रसिद्ध मधुबनी जिले कासौराठ सभागाछी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. लेकिन इस बार चर्चा धार्मिक कार्यों को लेकर है. विश्व का कल्याण, प्रकृति एवं सभी प्राणियों में शांति बनाए रखने की कामना को लेकर इस विशेष पूजा का आयोजन किया गया था. यहां 1 दिन में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना की गई. पार्थिव शिवलिंग को 15 टेलर मिट्टी और गंगाजल से तैयार किया गया था. इसके साथ ही माधवेश्वर नाथ मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक एवं सवा लाख महामृत्युंजय का जाप भी किया गया. पूजा के समापन से पूर्व महाआरती व 108 हवन कुंडों में आहुति भी दी गई.
200 गांव के लोगों हुए शामिल
महापूजा को भव्य बनाने में कोई कसर ना रहे इसको लेकर 117 से ज्यादा पंडाल बनाए गए थे. हर मंडप को 20 फीट लंबा व 20 फीट चौड़ा बनाया गया था. हर एक पंडाल को पूजा समिति की ओर से चिन्हित गांव को दिया गया था. हर गांव से 11 सदस्य टीम का चयन किया गया था. महापूजा में शामिल होने के लिए देश एवं प्रदेश के विभिन्न जगहों से साधु-संतों को बुलाया गया था. जबकि 1700 से ज्यादा पंडितों की मौजूदगी में पार्थिव शिवलिंग की पूजा की गई. इसके अलावा 200 से ज्यादा गांव के लोग इस महा पूजा में शामिल होने के लिए पहुंचे हुए थे. चारों तरफ हर हर महादेव के नारे लगाए जा रहे थे.

ठहरने से लेकर खाने-पीने का प्रबंध
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में बाहर से आने वाले श्रद्धालुगण एवं अतिथियों के ठहरने एवं खाने-पीने का प्रबंध भी किया गया था. वहीं सौराठ गांव सहित पोखरौनी, मिठौली गांव के तकरीबन 5 किलोमीटर के दायरे में रोशनी की व्यवस्था भी की गई थी. हजारों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था. किसी भी तरह की अप्रिय घटना ना घटे, इसको लेकर सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पूछताछ काउंटर के साथ-साथ सहायता केंद्र भी बनाया गया था. इमरजेंसी के लिए 2-2 एंबुलेंस भी मौजूद थी.




