पटना :आईएएस अधिकारी डॉक्टर एस सिद्धार्थ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव हैं. इसके अतिरिक्त एस सिद्धार्थ बिहार के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं और इन्हीं के ऊपर बिहार के कैबिनेट के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी है. एस सिद्धार्थ की सादगी ऐसी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ तीन से चार विभागीय मीटिंग करने और रात में 9 बजे तक ऑफिस का कामकाज खत्म कर निकलते हैं और घर पहुचने के बाद खुद जो रोबोट बना रहे हैं, उसके रिसर्च में लग जाते हैं.
रोबोट प्रोग्रामिंग के हिसाब से काम करता है और जहां जैसी जरूरत रहती है उसके हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. बता दें कि कुछ रोबोट को नियंत्रित करने के लिए बाहर से डिवाइस का प्रयोग किया जाता है. जबकि; बहुत सारे रोबोट में नियंत्रण करने के लिए उसके अंदर ही उसको नियंत्रित करने के लिये डिवाइस लगे हुए रहते हैं. डॉक्टर एस सिद्धार्थ कुछ इसी तरह का आंतरिक नियंत्रण वाला मल्टीपर्पस रोबोट बना रहे हैं.

रोबोट है क्या?
रोबोट एक तरह की मशीन है जो खास तौर पर कंप्यूटर के द्वारा डाले गए प्रोग्राम या निर्देशों के हिसाब से काम करता है. रोबोट कई मुश्किल भरे कामों को सरलता से अपने आप करने में सक्षम होता है. रोबोट मैकेनिकल, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग से मिलकर बना हुआ होता है. इसमें सभी का रोल लगभग एक समान ही होता है.
एस सिद्धार्थ को जानें
ये वही आईएएस अधिकारी डॉक्टर एस सिद्धार्थ हैं जो शहर में रिक्शा पर घूमते, चैराहे पर गोलगप्पा खाते और जमीन पर बैठकर एक बुजुर्ग सब्जी दुकानदार से रात के 10 बजे सब्जी खरीदते हुए नजर आये थे. ईमानदार और स्वच्छ छवि के ये आईएएस अधिकारी सदाबहार आपको सफेद सर्ट और काले पेंट में नजर आयेंगे. वहीं, जब बिहार की विकास की बात होगी तो किसी काम को कम समय में बहुत अच्छा और जनता के लिए फायदेमंद कैसे हो सकता है उसमें इनका दिमाग खूब लगता है.



