मुजफ्फरपुर : क्रांतिज्योति “सावित्रीबाई फुले”के जयंती पर “पुरखा पुरनिया” संवाद सह सम्मान कार्यक्रम मंगलवार को मालीघाट में सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी के अध्यक्षता में हुई। अध्यक्षीय संबोधन में सुमन कुमारी ने बताया कि क्रांतिज्योति “सावित्रीबाई फुले” महिला शिक्षक, समाज सुधारिका एवं मराठी कवियत्री थी।
महिला अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है। परफेक्ट सॉल्यूशन सोसाइटी के सचिव अनिल कुमार ठाकुर ने बताया की सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थी।
साईं सेवादार अविनाश कुमार ने बताया कि भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में सावित्रीबाई फुले को माना जाता है। उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है।
वार्ड 42 की वार्ड पार्षद अर्चना पंडित ने बताया कि सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जीया जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह करवाना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। वे एक कवियत्री भी थीं उन्हें मराठी की आदिकवियत्री के रूप में भी जाना जाता था। समाजसेवी उमाशंकर प्रसाद उर्फ बब्लू जी ने बताया कि सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं।
हर बिरादरी और धर्म के लिये उन्होंने काम किया। जब सावित्रीबाई कन्याओं को पढ़ाने के लिए जाती थीं तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी, कीचड़, गोबर, विष्ठा तक फेंका करते थे।
सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं। अपने पथ पर चलते रहने की प्रेरणा बहुत अच्छे से देती हैं।
जन विकाश मोर्चा के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि भारत में सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था। महिला अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 1852 में महिला सेवा मंडल की स्थापना की।
सती प्रथा और बाल विवाह जैसे कुरीतियों के विरुद्ध भी सावित्रीबाई फुले ने जमकर संघर्ष किया। क्रांतिज्योति “सावित्रीबाई फुले”के जयंती पर “पुरखा पुरनिया” संवाद सह सम्मान कार्यक्रम में लगातार तीन बार वार्ड 42 की वार्ड पार्षद के रूप में निर्वाचित अर्चना पंडित को सावित्रीबाई फुले सम्मान एवं जन विकास मोर्चा के अध्यक्ष राजेश कुमार को ज्योतिबा राव फुले सम्मान अंगवस्त्र, तस्वीर प्रदान कर सम्मानित किया गया।
