गया. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के दिल का दर्द एक बार फिर से उभर आया है. जीतन राम मांझी ने गया जिले की चर्चा करते हुए कहा है कि तपोवन को पर्यटक हब होना चाहिए था. यहां विकास होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. मांझी ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो इस दौरान मेरे दिमाग में यह सारी बातें आती थीं. लेकिन हमें मौका ही कम मिला. गया का विकास नहीं होना इलाके के लोगों के साथ अन्याय जैसा है. मांझी के इस बयान के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर से गरमा सकती है.

पूर्व मुख्यमंत्री इशारों ही इशारों में जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कई सवाल खड़े किए. दरअसल, जीतन राम मांझी मोहरा प्रखंड के तपोवन महोत्सव के मौके पर पहुंचे थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गया जिला में तपोवन को पर्यटन क्षेत्र का राजधानी होना चाहिए था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. राम मांझी ने कहा कि तपोवन एक पवित्र स्थल है. इसके साथ ही यहां के बगल में कुर्कीहार, आराही,गहलौर जैसे जगह हैं जहां दूर-दूर से पर्यटक आते हैं.
मांझी ने कहा कि मेरे कार्यकाल के समय गया के अन्य स्थलों को विकसित करने का पूरा प्लान मेरे दिमाग में था. जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर मुझे कुछ दिन और मिल जाते, तो अब तक इस क्षेत्र में विकास हो गया होता. जीतन राम मांझी ने इशारों ही इशारों में बगैर किसी का नाम लिए कहा कि बिहार में राजगीर का तेजी से विकास हुआ है यह अच्छी बात है. लेकिन गया राजगीर से किसी भी मायने में कम नहीं है.

गौरतलब है कि मकर सक्रांति के मौके पर बिहार के गया जिले के मोहरा प्रखंड में हर साल तपोवन महोत्सव मनाने की परंपरा रही है. दरअसल तपोवन एक गर्म कुंड है जहां जाड़े के दिनों में लोगों का हुजूम उमड़ता है. इसी महोत्सव का उद्घाटन करने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जिले के प्रभारी मंत्री इसराइल मंसूरी विधायक ज्योति मांझी समेत दूसरे लोगों के साथ मौके पर पहुंचे हुए थे.


