मुजफ्फरपुर : कोषागार से निकासी की गई राशि व फर्जी बिल से 50 लाख रुपये के भुगतान मामले में ऑडिट से पारू अंचल के दो कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस संबंध में सीओ ने अंचल के प्रधान सहायक दिनेश कुमार शर्मा व अंचल नाजीर रामकुमार झा से स्पष्टीकरण किया है। राशि की निकासी के संबंध में दोनों रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं।
सीओ ने पत्र में कहा कि उसके कार्यकाल से पूर्व विसंगतियां पाई गई हैं। इस संबंध में 22 नवंबर 2021 को सामान्य रोकड़ बही का अध्ययन कराने का निर्देश दिया गया। लेकिन दोनों द्वारा अबतक निर्देश का पालन नहीं किया गया। यह सरकारी राशि के गबन का मामला प्रतीत होता है। अपर समाहर्ता द्वारा महालेखगार की ऑडिट रिपोर्ट भेजी गई। रिपोर्ट के अनुसार 55 चेक के बाउंस होने से 14 हजार 390 रुपये की क्षति हुई। ऑडिट में 16 बिंदूओं पर आपत्ति जतायी गई।
4.54 लाख रुपये की लंबित अग्रिम का समायोजन नहीं किया गया। नियम के विपरीत प्राइवेट फॉर्म को आठ लाख रुपये एडवांस दिया गया। नियम के विपरीत 50 लाख रुपये नगदी के रूप में भुकतान किया गया। 18.79 लाख रुपये की गबन किए जाने की आशंका है। फर्जी बिल पर 49.31 लाख रुपये भुकतान किया गया। पारूसीओ ने कहा कि ऑडिट की आपत्तियों के संबंध में दोनों कर्मियों से जवाब की मांग की गई। है। इसके लिए 24 घंटे का समय तय है।





