मुजफ्फरपुर: 80518 शिक्षकों के सर्टिफिकेट फोल्डर से मेधा सूची गायब है। नियोजित शिक्षकों की निगरानी जांच में जिला समेत सूबे के ये फोल्डर बिना मेधा सूची के ही मिले हैं। कोर्ट के आदेश पर मेधा सूची से शिक्षकों के अंकों का मिलान करना था। प्रारम्भिक शिक्षकों के 79 हजार से अधिक फोल्डर में मेधा सूची है ही नहीं। इन शिक्षकों के फोल्डर को वापस करते हुए विभाग ने अधिकारियों से जवाब मांगा है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ स्थापना से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के आदेश पर 2014 से ही शिक्षकों की फर्जी बहाली को लेकर सर्टिफिकेट जांच की प्रक्रिया चल रही है। गायब मेधा सूची में सबसे अधिक मामले प्रारंभिक बहाली के हैं। माध्यमिक में 474 फोल्डर से मेधा सूची गायब हैं। जिले में 3706 फोल्डर बिना मेधा सूची के हैं।
सबसे अधिक सीवान, सुपौल, अररिया, नवादा में मेधा सूची गायब है। अब आवेदन समेत अन्य कागजात के आधार पर जांच को लेकर अधिकारी तलब किए गए हैं। सीवान में 9452, सुपौल में 5643, अररिया में 5681, नवादा में 4895, पटना में 3582 फोल्डर में मेधा सूची नहीं है। मधुबनी में 3499, दरभंगा में 3248, भागलपुर में 4402 फोल्डर में मेधा सूची नहीं है।

सभी रिकॉर्ड में एक समान अंक पर ही सही बहाली
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया है कि जिन फोल्डर में मेधा सूची नहीं है, ठर्म शिक्षकों की बहाली को लेकर दिए आवेदन, नियोजित शिक्षक विवरणी, नियोजन पत्र, कार्यवाही पंजी, काउंसलिंग पंजी समेत अन्य कागजात के अंक से मिलान होगा और अगर सभी में एक समान अंक होगा तो बहाली सही मानी जाएगी।

इसके तहत डीपीओ जांच करेंगे कि फोल्डर में शिक्षक का हस्ताक्षर युक्त आवेदन प्रपत्र उपलब्ध जो कराया गया है, उसमें वही अंक है कि नहीं जो नियोजन के समय अंक पत्र दिया गया। इसके अलावा डीपीओ द्वारा सत्यापित और प्रमाणित कर उपलब्ध कराए गए आवेदन पंजी में वही अंक अंकित है कि “नहीं जो नियोजन के समय दिए गए अंक पत्र में है। काउंसलिंग पंजी और कार्यवाही पंजी पर दर्ज अंक से भी इसका मिलान किया जाएगा।


