पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि महाराणा प्रताप की जीवनी स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ाई जाएगी। उनके बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि पता चले कि महाराणा प्रताप कौन थे और उन्होंने देश को क्या क्या दिया। मुख्यमंत्री ने जदयू कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया है कि महाराणा प्रताप ने जो कार्य किये, उन्होंने जो देशभक्ति तथा वीरता के आदर्श स्थापित किये, उसे किताब की शक्ल में छपवा कर घर-घर पहुंचा दें, ताकि नई पीढ़ी के लोग उनके बारे में और बेहतर ढंग से जान-समझ सकें। ठीक वैसे ही जैसे कि हमलोगों ने बापू के बारे में किताब छपवाकर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के मौके पर मिलर हाईस्कूल मैदान में आयोजित महाराणा प्रताप स्मृति समारोह ये बातें कहीं।
सीएम ने कहा कि ये भ्रम नहीं पैदा करना चाहिए कि उनका संबंध किसी एक जाति से था। महाराणा प्रताप समाज के हर तबके को साथ लेकर चलते थे।” समाज का हर तबका उनसे जुड़ा हुआ था। भामाशाह ने उन्हें काफी मदद की थी। वे जैन धर्म के माननेवाले थे। हमलोग यहां जैन धर्म के लोगों को भी इज्जत देते हैं। ख्याल रखते हैं। महाराणा की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने वीरता की विशिष्ट छाप छोड़ी।
‘आयोजन की तारीफ, मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप स्मृति समारोह के बेहतरीन आयोजन के लिए जदयू के विधान पार्षद तथा समारोह के अध्यक्ष संजय सिंह तथा उनकी टीम के छोटू सिंह, ओमप्रकाश सेतु, अशोक सिंह “आदि को बधाई दी। कहा कि 19 जनवरी को महाराणा की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई। उनके जन्मदिवस पर राजकीय समारोह का आयोजन तय हो गया है। संजय सिंह ने पगड़ी व छोटू सिंह समेत अन्य नेताओं’ ने गुलाब की माला ( 101 किलो) से सीएम का स्वागत किया।



