पटना : केंद्र सरकार के 2023-24 के बजट से बिहार के लोगों को भारी निराशा हाथ लगी है। बिहार समेत अन्य पिछड़े राज्यों के लिए इस बजट में कोई अलग प्रावधान, सहायता या योजना की घोषणा केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नहीं की गई है।

पिछले एक दशक से विशेष दर्जा देने की बिहार की मांग इस बार भी अनसुनी रह गई। बिहार ने विशेष दर्जा नहीं दे पाने की स्थिति में केन्द्र सरकार से इस राज्य की गरीबी और पिछड़ेपन को देखते हुए बिहार विशेष प्लान (द्वितीय चरण) के तहत 20,000 करोड़ रुपए के पैकेज का बजट में प्रावधानिक करने के लिए कहा था।
2012 में बिहार को 12,000 करोड़ का विशेष पैकेज मिला था और इसकी 95 फीसदी राशि भी खर्च की जा चुकी है। पर, बिहार को विशेष दर्जा व विशेष पैकेज के मोर्चे पर इस बार भी खाली हाथ रहना पड़ा है। यहां गौरतलब है कि बजट में कर्नाटक जैसे विकसित राज्य को सूखा के नाम पर 5300 करोड़ के विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है।
बजट में नार्थ ईस्ट के राज्यों के विकास के लिए अलग से कोई घोषणा नहीं की गई है। गौरतलब है कि नार्थ ईस्ट के राज्य के विकास पैकेज का लाभ बिहार को भी मिलता रहा है, पर 2023-24 के बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने से | बिहार को निराशा हाथ लगी है।



