पटना : बिहार सरकार की विधायक आवास योजना का काम आज से करीब पांच वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी अब तक विधायक आवास योजना पूर्ण नहीं हुई है। अब सरकार ने निर्माण एजेंसी कशिश डेवलपर्स लि. से निर्माण करार रद करने का फैसला किया है।
भवन निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि वह 14 फरवरी को अब तक निर्माण कार्य का लेखा-जोखा मिलान के लिए उपस्थित रहे। विभाग ने एजेंसी को दोषी मानते हुए योजना का काम लटकाए रखने के आरोप में निर्माण में आने वाली अंतर राशि की वसूली का निर्णय भी लिया है।
पटना में विधायकों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने के इरादे से विधायक आवास योजना करीब पांच वर्ष पूर्व स्वीकृत की गई थी। योजना करीब 258 करोड़ रुपये की थी। निर्माण कार्य को एक समय सीमा में पूर्ण कराने के लिए राज्य सरकार ने कशिश डेवलर्स लि. से दो मई 2017 को करार किया था।
दो वर्ष में योजना को पूर्ण कर लिया जाना था। सरकार ने एजेंसी को दो बार अवधि विस्तार दिया। लेकिन निर्माण एजेंसी की सुस्ती की वजह से निर्माण कार्य की अवधि बढ़ती गई। मजबूरन सरकार ने 2019 में एजेंसी को डिबार कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर एजेंसी को दोबारा काम करने की अनुमति इस शर्त क साथ दी गई कि अगस्त 2022 में काम पूर्ण कर लेगी।
इसके बावजूद एजेंसी ने दोबारा काम मिलने के बाद भी इसमें कभी गंभीरता नहीं दिखाई। विभाग के अनुसार 11 ब्लॉक वाले इस निर्माण में अधिसंख्य भवनों में काम अब तक अधूरा है। सरकार ने काम को समय पर पूरा करने के लिए बार-बार निर्माण एजेंसी को नोटिस भी दिया, लेकिन सरकार को कोई जवाब नहीं मिला।
नतीजा अब सरकार ने कशिश डेवलपर्स का करार रद्द कर दिया है। कार्यपालक अभियंता संरचना प्रमंडल-2 भाष्कर कुमार नीरज ने एजेंसी को नोटिस देकर कहा है कि 14 फरवरी को निर्माण कार्यों की अंतिम मापी होगी। साथ ही मापी के बाद योजना पूर्ण करने में हुए विलंब की वजह से अंतर राशि की गणना होगी और अंतर राशि की वसूली एजेंसी से की जाएगी।
