गया : महज 10 वर्ष की उम्र में एक दो नहीं 150 योगासन में महारथ हासिल है. वह योगा में बिहार स्टेट चैंपियन हैं. इस नन्हें चैंपियन के करतब को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. इतनी कम उम्र में डिस्ट्रिक्ट और स्टेट लेवल पर अभी तक 7 मेडल भी ला चुके हैं. बात कर रहे हैं गया के बोधगया के रहने वाले रूद्र प्रताप सिंह की. रूद्र मूल रूप से जहानाबाद जिला के खरका गांव के रहने वाले हैं. इनका पूरा परिवार पिछले 12 साल से बोधगया में रह रहे हैं.
योगा की शुरुआत फिट रहने के लिए, अब है चैंपियनदरअसल, रूद्र प्रताप सिंह ने योगा की शुरुआत फिट रहने के लिए किया था, लेकिन आज वह योगा में बिहार स्टेट चैंपियन है. अभी से ही नेशनल और ओलंपिक की तैयारी में जुटे हुए हैं. इन्होंने 7 वर्ष की उम्र में योगा की शुरुआत की थी. वर्ष 2020 में जब कोरोना काल चल रहा था तो रुद्र के पिता राकेश कुमार सिंह ने इन्हें योगा की सलाह दी.
घर में योगा शुरू कर दिया. रूद्र अपने पिता से ही योगा सीखें. उसके बाद सोशल मीडिया का भी सहारा लिया. इनके पिता हीं इनके गुरु और कोच हैं. 2020 लॉकडाउन के दौरान ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के द्वारा आनलाइन क्यूट योगा चैलेंज हुआ. जिसमें रूद्र ने भाग लिया. इन्होंने प्रथम स्थान पाया. इसके बाद रुद्र ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और तब से लेकर अभी तक कई चैंपियनशिप में भाग ले चुका है. सात से अधिक मेडल लाकर अपने जिले तथा परिवार का नाम रोशन किया है.
150 से अधिक योगासन पर महारत हासिलरूद्र का योगा पर इतना कमांड है कि वह बेसिक और हार्ड योगा के 150 से अधिक योगासन पर महारत हासिल कर चुके हैं. जिसमें मकरासन, धनुरासन, भुजंगासन, शलभासन, विपरीत नौकासन, वृक्षासन, अर्धचंद्रमासन, अर्धचक्रासन, दो भुज कटिचक्रासन, चक्रासन, पादहस्तासन, शीर्षासन, मयुरासन, सूर्य नम:स्कार पर पुरा कमांड है. इतनी छोटी उम्र में बड़े-बड़े कारनामे करते हैं इनके योगा को देखकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे. ऐसा लगता है जैसे इनका शरीर पूरी तरह रबड़ जैसा हो गया है. वह पूरे शरीर को जैसे तैसे मरोड़ लेते हैं.

अब ओलंपिक की तैयारी में जुट गए
रूद्र बताते हैं कि 7 वर्ष की उम्र से इन्होंने फिट रहने के लिए योगा की शुरुआत की थी, लेकिन भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्यूट योगा चैलेंज ने इन्हें पूरी तरह बदल दिया. आज वह बिहार के चैंपियन है. लॉकडाउन के दौरान पिताजी ने स्वस्थ रहने के लिए योगा की सलाह दी थी. उनके द्वारा ही घर में योगा सिखाया जाता था. आज डिस्ट्रिक्ट स्टेट और नेशनल लेवल पर 7 से अधिक मेडल ला चुके हैं. अब ओलंपिक की तैयारी में जुट गए हैं.
