पटना : जिस उम्र में पिता को अपनी बेटी के हाथ पीले करने चाहिए थे, उसी उम्र में पिता ने अपनी छह बेटी और पत्नी को छोड़ सरहज संग फरार हो गया। घटना के बाद नौबतपुर थाने में जहां एक साला ने अपनी पत्नी को भागने का मामला दर्ज कराया है। वहीं, दूसरी तरफ पत्नी ने अपने पति को सरहज संग भागने का आवेदन दिया है। पुलिस महिला थाना का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ ली है। न्याय के लिए बेबस-लाचार पत्नी नौबतपुर थाना से खीरी मोर थाने का चक्कर लगा रही है।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए चिंता देवी (35) ने बताया कि उनकी शादी 20 साल पहले राजशेखर उर्फ शिवजन्म पासवान से खीरी मोर थाना के ढारा पर गांव में हुआ था। शादी के बाद उनकी छह बेटियों में सुलेखा कुमारी (16), ज्योति कुमारी (12), श्वेता कुमारी (8), नेहा कुमारी (6), चांदनी कुमारी (5) और निधि कुमारी चार साल की है।
पत्नी और बच्चों को घर से मारपीट कर भगाया…
चिंता देवी ने बताया कि उनके पति मनरेगा में काम किया करते हैं। अभी कुछ दिन पहले उन्होंने अपना संबंध सरहज से बना लिया और पत्नी के साथ सभी छह बेटी को घर से मारकर निकाल दिया। चिंता देवी अपनी सभी बेटियों के साथ अपने मायके नौबतपुर थाना के पीपलावां गांव चली आई। इस घटना से आहत चिंता देवी ने नौबतपुर थाने में अपने पति के खिलाफ मारपीट कर घर से बेटियों के संग जबरन निकाल देने का मामला दर्ज कराया है।

चिंता देवी ने बताया कि उनकी बेटियां शादी के लायक होती जा रही हैं। लेकिन उनके पति द्वारा बेटी को गंदी-गंदी गालियां दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि जब वे न्याय के लिए नौबतपुर थाना गई तो उन्हें खीरी मोर थाना भेजा गया और जब खीरी मोड थाना गई तो नौबतपुर थाना का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया गया। ऐसे में सबसे बड़ी बात तो यह है कि सरकार के द्वारा सभी थाना में महिला प्रताड़ना से न्याय के लिए महिला स्पेशल विंग बनाया गया है। इसके बावजूद भी थाना द्वारा परिवार से परेशान महिलाओं को महिला थाना का रास्ता दिखाकर अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है।

